31. अभ्रक उद्योग को सुदृढ़ और स्थिर बनाया जाएगा - Page 185

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ऽअभ्रक उद्योग को सुदृढ़ और स्थिर बनाया जाएगा

‘‘भारत सरकार अभ्रक उद्योग को सुदृढ़ और स्थिर बनाने के लिए पूर प्रयत्न करेगी, ये विचार श्रम सदस्य माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने अभ्रक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रकट किए। सम्मेलन में भारत सरकार के प्रतिनिधियों, बिहार सरकार के प्रतिनिधियों, मजदूर संघों के प्रतिनिधियों और अभ्रक मजदूरों के प्रवक्ताओं ने भाग लिया। यह सम्मेलन 29 अप्रैल को कोडरमा (बिहार) में हुआ।

इसमें बिहार सरकार की ओर से अन्यों के अतिरिक्त श्री ई.सी. इन्सोर्ज, सलाहकार, श्री जे.एस. विलकाक, सचिव राजस्व विभाग, और श्री एम. जेड खान, उपायुक्त हजारी बाग ने भाग लिया। श्री डी. एल. मजूमदार, संयुक्त सचिव, श्रम विभाग, श्री ई. एल. जी. कलक, निदेशक, भारतीय भूगर्भ सर्वेक्षण और जे.टी.के. क्रासफील्ड, भूगर्भ सर्वेक्षण के पर्यवेक्षक क्षेत्रीय अधिकारी ने केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व किया।

डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि भारत सरकार यह समझती है कि युद्ध के बाद अभ्रक के क्षेत्र में भारत का एकाधिकार शायद इतना न रहे जितना आज है। उन्होंने बताया कि इस उद्योग को स्थिर बनाने और स्थायी रूप देने के उद्देश्य से भारत सरकार चाहती है कि एक जांच समिति बनाई जाए जो अभ्रक उद्योग की तात्कालिक तथा संपूर्ण समस्याओं पर विचार करे।

इस समिति के विचारणीय विषय इस प्रकार होंगेः अभ्रक नियंत्रण आदेश का युद्ध सामग्री निर्माण और दीर्घकालीन नीति पर प्रभाव और इस आदेश के संबंध में सरकार द्वारा जारी किए गए किन्हीं आदेशों की समीक्षा, विपणन की वर्तमान प्रणाली- आंतरिक और विदेशी दोनों, गुणात्मकता का मानकीकरण, भारत के सफेद अभ्रक के मुख्य सप्लायर होने की स्थिति पर वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों का क्या कुप्रभाव पड़ा है या पड़ सकता है और अभ्रक के स्थान पर अन्य किन पदार्थों को इस्तेमाल किया

ऽ इंडियन इनफोर्मेशन, 15 मई 1944, पृष्ठ 533-35