33. कुशल श्रमिकों को युद्धोपरांत रोजगार - Page 197

172 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

हो जाने पर शीघ्र ही वहां से हटा दिया जाएगा। हमारी आशा है कि उद्योगों को उन्हें खपाने में कठिनाई नहीं होगी, विशेषकर इस संदर्भ में कि हमें विश्वास है कि युद्ध की समाप्ति के बाद असैनिक उद्योगों का विस्तार होगा और इसके फलस्वरूप तकनीकी प्रशिक्षित कर्मचारियों की मांग बढ़ेगी।

हमारे सामने तात्कालिक समस्या यह हैः उन्हें शांतिकालीन औद्योगिक ढांचे में किस प्रकार खपाया जाए? हम तत्संबंधी कठिनाइयों का जायजा लेना चाहते हैं और उनका सामना करने के लिए हमें पहले से ही कार्यक्रम बनाना होगा। इसमें सफलता प्राप्त करने के लिए हमें यह देखना है कि हमारे पाठ्यक्रम में क्या परिवर्धन और संशोधन जरूरी है? मौजूदा उद्योगों में स्वीकार्य होने के लिए हम अपने प्रशिक्षुओं के लिए कौन से सहायक पाठ्यक्रम जोड़ें? हमारे इस विचार-विमर्श से यह निश्चित हो सकेगा कि अगले चरण में किस प्रकार की प्रगति की जाए। दोनों चरणों में गहरा संबंध है और दूसरा चरण पहले से कम महत्व का नहीं है।

मैं आपका और अधिक समय नहीं लेना चाहता क्योंकि मुझे पता है कि आपका कार्यक्रम बहुत व्यस्त है। परंतु समापन से पूर्व मैं यह कहना चाहूंगा कि यह बात कितनी महत्वपूर्ण है कि यदि हमें देश का भविष्य उज्जवल बनाना है तो हमारे पास कुशल कर्मचारियों की काफी संख्या होनी चाहिए। सरकार, उद्योगपतियों और श्रमिकों के त्रिपक्षीय सहयोग से ही तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम की सुदृढ़ता से सफल होने की आशा की जा सकती है। मैं उद्योगपतियों और नियोक्ताओं से विशेष आग्रह करता हूं कि सरकार द्वारा शुरू की गई तकनीकी प्रशिक्षण योजना को चलाए रखने के लिए आपके विशेष ज्ञान और अनुभव से अधिक आपके सहयोग की आवश्यकता है।

अंत में मैं एक बार कहना चाहता हूं क्या उन प्रशिक्षित व्यक्तियों के भाग्य में बेरोजगारी ही लिखी है जो बहुत जल्द ही असैनिक स्थिति में लौट आएंगे? क्या यही उनकी सेवा का फल होगा जो उन्होंने जोखिम उठा कर की है? मुझे आशा है कि हम उन्हें निराश नहीं करेंगे। यदि हम उनकी अनदेखी कर देंगे, तो वे उद्योगों में असंतोष फैलाने वाले सक्रिय तत्व बन जाएंगे। यदि युद्ध के पश्चात उन्हें असैनिक क्षेत्रों में समुचित रूप से खपा लिया जाता है, तो वे उद्योगों की स्थिरता में सहायक होंगे। वे नागरिक उद्योगों में भी वैसा ही अनुशासन दिखाएंगे जैसा उन्होंने सेना में दिखाया। अब यह आप बताएं कि उन्हें असैनिक उद्योगों में नया काम देने के लिए क्या उपाय किए जाएं? मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपकी सलाह के लिए सरकार न केवल आपकी आभारी होगी बल्कि जो परामर्श तार्किक और व्यावहारिक पाया जाएगा उसे लागू करने के पूरे उपाय करेगी।