33. कुशल श्रमिकों को युद्धोपरांत रोजगार - Page 199

174 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

जुलाई, 1944 तक इन प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षित 2540 लोगों को असैनिक उद्योगों में रोजगार मिल गया। श्रम सदस्य गवर्नमेंट आफ इंडिया प्रेस और केंंद्रीय लेखन सामग्री कार्यालय भी देखने गए।

बाद में उन्होंने बंगाल सरकार द्वारा गठित मजदूर संघ सलाहकार समिति को संबोधित किया और हाल ही में राष्ट्रीय सेवा श्रम न्यायाधिकरण द्वारा जारी आदेश के निष्पादन के विषय में विचार-विमर्श किया।