34. त्रिपक्षीय श्रम सम्मेलन का पूर्ण अधिवेशन - Page 207

182 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्रम कल्याण समिति

श्रम कल्याण समिति का कार्य केवल श्रम कल्याण और श्रम कानूनों के मामले तक सीमित रहेगा। इसका अधिकार होगा कि वह ऐसे सभी मामलों पर विचार करे और सरकार को अपनी सिफारिशें दें।

यह मेरे प्रस्ताव हैं उन संगठनात्मक कमजोरियों को दूर करने के लिए जो सामने आई हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से इन्हें आपके समक्ष इस सम्मेलन का सदस्य होने के नाते प्रस्तुत किया है। इनमें कोई बड़ी भारी बात नहीं है, यह कार्य निष्पादन का एक ढंग है जो मुझे ठीक प्रतीत होता है। मेरा इन प्रस्तावों को विभागीय जांच के लिए भारत सरकार को भेजने का इरादा है। यदि इन्हें व्यावहारिक पाया गया तो विचार-विमर्श के लिए आपके सामने रखा जाएगा। संगठनात्मक शिकायतें मेरे विचार से गंभीर मामला है और मैं आपको वचन देता हूं कि इन पर तुरंत ध्यान दिया जाएगा।

सम्मेलन को संबंधित मामलों पर सम्मेलन की विभिन्न संस्थाओं के पुनर्गठन के विषय पर, इसकी प्रक्रिया के पुनर्निर्धारण पर और इसके कार्मिकों के सुधार के बारे में मुझे जो कुछ कहना था, मैं कह चुका हूं। मुझे आशा है कि आप सहमत होंगे कि सरकार इसकी कार्यक्षमता और उपयोगिता बढ़ाने में रुचि रखती है।

श्रम कानून

मैं दो अन्य मामलों का जिक्र भी करना चाहता हूं। विधान सभा के अगले अधिवेशन में श्रम विभाग तीन विधेयक प्रस्तुत करना चाहता हैः कारखाना संशोधन विधेयक, दूसरे शब्दों में सवैतनिक अवकाश विधेयक, मजदूर संघ संशोधन अधिनियम जिसका उद्देश्य श्रम संघों को मान्यता प्रदान करना है, और तीसरा वेतन भुगतान संशोधन विधेयक। पहले दो पर सम्मेलन विचार कर चुका है। तीसरा विधेयक नया है और हमारा प्रक्रिया के अनुसार आपके सामने विचार-विमर्श के लिए रखा गया है।

‘‘जैसा कि आप अवगत हैं, 26वीं अंतर्राष्ट्रीय श्रम सम्मेलन पिछले अप्रैल मास में अमरीका में फिलेडेल्फिया में हुआ। एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इस सम्मेलन में भाग लिया। इसका नेतृत्व लंदन में भारत के उच्चायुक्त सर सेमुअल रंगनाथन ने किया। भारत सरकार के प्रतिनिधि थे माननीय श्री एच.सी. प्रायर, सी.एस.आई., सी. आई.ई., आई.सी.एस., श्रम सचिव, श्री डी. जी. मुल्हेकर नियोक्ताओं के प्रतिनिधि और सर्वश्री जमनादास मेहता, विधायक, आफताब अली और आर.आर. भोले श्रमिकों के प्रतिनिधि थे। मुझे यकीन है कि मेरे साथी यह बात स्वीकार करेंगे कि उन्होंने सम्मेलन में शानदार भूमिका निभाई और महान कार्य किया। प्रतिनिधिमंडल ने एक रिपोर्ट तैयार की है जो आपके समक्ष रखी गई है। आपको यह रोचक भी लगेगी और ज्ञानवर्धक भी।