190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
है तथापि केवल 6 दिन का ही सवेतन छुट्टी होगी। जैसाकि मैंने कहा, सातवां दिन धारा 35 के अनुसार उसका साप्ताहिक अवकाश माना जाएगा। सातवें दिन के संबंध में विधेयक के अनुसार यह बाध्यता नहीं है कि मालिक उसका भुगतान करे। परंतु कर्मचारी का वह अधिकार नहीं छीना गया है कि वह सातवें दिन के वेतन की मांग करे, बशर्ते कि उसकी सेवा की शर्तों में सवेतन छुट्टी की व्यवस्था हो। दरअसल यहां सेवा की शर्तों का पालन होगा।
तीसरा बिंदु इन 6 छुट्टियों के भुगतान से संबद्ध है। हमने इस बारे में एक आम और न्यायसंगत नियम लागू किया है जो इस प्रकार हैः कर्मचारी के पिछले तीन महीनों के वेतन का औसत जिसमें ओवर-टाइम का भुगतान शामिल नहीं होगा। मैं समझता हूं यह समता का नियम है। विधेयक में यह भी व्यवस्था है कि जब कोई कर्मचारी छुट्टी ले उस समय उसे छुट्टी की जो राशि देय है उसकी आधी राशि उसे प्रारंभ में ही दी जानी चाहिए।
एक अन्य मुद्दा इस संबंध में प्रासंगिक है और महत्वपूर्ण भी है। वह है कि इस विधेयक की परिधि से कुछ उन कारखानों को बाहर रखा गया है जिनमें सवेतन छुट्टियों की प्रणाली विधेयक के प्रावधानों के समान है और प्रांतीय सरकार उनके व्यवहार के विषय में प्रमाण देने की स्थिति में है। उस उपबंध पर बल दिए जाने का उद्देश्य यह है कि यदि मालिक और कर्मचारियों के बीच कोई स्वैच्छिक व्यवस्था है और कर्मचारियों को वे सुविधाएं दी जा रही हैं जिनका हम प्रस्तुत विधेयक में प्रावधान कर रहे हैं तो विधेयक में यह ध्यान रखा गया है कि ऐसी सदभावपूर्ण व्यवस्था में कानून का दखल अनावश्यक है।
श्रीमन्, विधेयक के ये मुख्य प्रावधान हैं। समाप्त करने से पूर्व मैं दो और मुद्दों का जिक्र करना चाहता हूं। पहला प्रश्न है किसी मालिक द्वारा कर्मचारियों को छुट्टियां अर्जित करने से रोकने के लिए उसे कार्यमुक्त कर देना। दूसरा प्रश्न है मालिक द्वारा कर्मचारी को अवकाश प्राप्त करने से वंचित रखना, भले ही वह छुट्टी का अधिकारी क्यों न हो। ये ऐसे प्रश्न हैं जिनके विषय में मैं निस्संकोच स्वीकार करता हूं कि इनका विधेयक में समावेश नहीं किया गया है। लेकिन सरकार का विचार है कि फिलहाल ऐसा कोई कारण नहीं है कि यह सोचा जाए कि ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होंगी। यदि अनुभवों से ऐसा पता चले कि ऐसे मामले आम होते जा रहे हैं तो कानून में संशोधन कर दिया जाएगा ताकि उनकी पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल मेरा विचार है कि विधेयक में कारखाना कर्मचारियों को सवेतन छुट्टी दिए जाने के बारे में पर्याप्त प्रावधान है।
मैं अपना प्रस्ताव प्रस्तुत करता हूं।
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