36. वेतन भुगतान (संशोधन) विधेयक - Page 226

वेतन भुगतान (संशोधन) विधेयक

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गलती की गई है या तब से लागू माना जाए जब गलती का पता चला? स्पष्ट है कि किसी मालिक के लिए सदा यह संभव नहीं हो उसके गलती का तुरंत पता चल जाए। अक्सर ऐसा होता है कि गलती का पता बहुत देर बाद में चलता है। परिण् ामस्वरूप यह आवश्यक समझा गया है कि वह समय तब से न गिना जाए जब गलती हो गई हो, वरन तब से सजा दी जाए जब से गलती का पता चले। और मैं सदन को बताना चाहता हूं कि इस संशोधन में कोई नई बात नहीं है। जैसा कि इस सदन के वकील सदस्यों को पता होगा, कानून में ऐसे कई प्रावधान हैं कि कुछ मामलों में यह अवधि कार्य का समय है और कुछ में वह तब लागू होती है जब काम का पता चले।

अब मैं खंड 6 पर आता हूं। इसका आशय अधिनियम की धारा 9 में संशोधन करना है। धारा (7) 2(ख) में यह अनुमति दी गई है कि कार्य से अनुपस्थित रहने पर कटौती कर ली जाए। दुर्भाग्य से स्वयं अधिनियम में कोई परिभाषा नहीं दी गई है कि कार्य से अनुपस्थिति का अर्थ क्या है। इस धारा में यह खामी दूर कर दी गई है और धारा 9 में दूसरी व्याख्या जोड़ दी गई है जहां कार्य से अनुपस्थिति की व्याख्या नहीं दी गई है। खंड 7 द्वारा धारा 13 में संशोधन किया गया है। धारा 13 दो नई कटौतियों पर लागू होगी जिनका विधेयक की धारा 4 में उल्लेख है। जैसा कि माननीय सदस्य जानते हैं, धारा 13 में कटौतियों की तभी अनुमति है जब प्रांतीय सरकारों द्वारा लागू की गई शर्तें पूरी की जाएं। हम यह भी चाहते हैं कि संशोधन में जिन दो नई कटौतियों का उल्लेख है उन पर वही परंतुक लागू हो।

अंतिम खंड द्वारा अधिनियम की धारा 17 में संशोधन प्रस्तावित है। यह धारा अपील के अधिकार को विनियमित करती है। फिलहाल यह धारा एक कर्मचारी को अपील का अधिकार प्रदान करती है। यह अधिकार निरीक्षक को नहीं दिया गया है जो इस अधिनियम को लागू करने वाला अधिकारी है। यह अनुभव किया गया है कि सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए और खास तौर से कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए यह ठीक होगा कि निरीक्षक को भी अपील का अधिकार होना चाहिए।

श्रीमन्, विधेयक के ये प्रावधान है। मेरा निवेदन है कि ये विवादहीन हैं और मुझे विश्वास है और आशा है कि सदन मेरे प्रस्ताव को स्वीकार कर लेगा।

श्रीमन्, मैं प्रस्ताव प्रस्तुत करता हूं।

उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः प्रस्ताव प्रस्तुत हुआः

‘‘कि वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 में और संशोधन करने वाले विधेयक को