37. दामोदर घाटी योजना : कलकत्ता सम्मेलन - Page 229

204 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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ऽदामोदर घाटी योजनाः कलकत्ता सम्मेलन

भाषण

‘‘भारत सरकार मौजूदा हालात से पूरी तरह अवगत है और एक ऐसी नीति तैयार करना चाहती है जिससे देश के जल संसाधनों का सभी के लिए पूरा उपयोग किया जा सके और वह इन जल संसाधनों का उसी प्रकार उपयोग करना चाहती है जैसे अन्य देश अपने जल संसाधनों को आम जनता की सेवा के लिए प्रयोग करते हैं।’’ ये शब्द श्रम सदस्य, माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने केंद्र, बंगाल और बिहार सरकारों के कलकत्ता में बंगाल सचिवालय में आयोजित सम्मेलन में, जो दामोदर घाटी विकास के लिए उपाय और तरीकों पर विचार करने के लिए बुलाया गया था, 3 जनवरी को अपने भाषण में कहे।

डॉ. अम्बेडकर के भाषण का पूरा पाठ इस प्रकार हैः

भारत सरकार की ओर से इतनी अल्प सूचना पर बैठक के लिए सहमत होने और आपको हुई व्यक्तिगत असुविधा के लिए मैं आपका आभार प्रकट करता हूं। इस बैठक का उद्देश्य 1944 में बंगाल सरकार द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर केंद्र सरकार द्वारा गठित दामोदर नदी बाढ़ जांच समिति द्वारा उपायों और तरीकों पर विचार करना है। मैं सर्वप्रथम यह कहना सार्थक समझता हूं कि बंगाल सरकार को यह समिति नियुक्त करने पर बधाई दूं। दामोदर नदी में बाढ़ संबंधी समस्या पर विशेष रूप से और देश के जल संसाधनों के सर्वोत्तम उपयोग की आम समस्या पर समिति द्वारा बहुत ठोस विचार व्यक्त किए जाने पर समिति को धन्यवाद देता हूं।

समिति की सिफारिशें

मैं समिति की दो सिफारिशों का विशेष रूप से उल्लेख करूंगा अर्थातः- सिफारिश संख्या 8 और 13, सिफारिश 13 में समिति ने कहा हैः-

ऽ इंडियन इनफार्मेशन, 1 फरवरी, 1945, पृष्ठ 77-101 और 109