218 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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ऽभारत के खनिज साधनों पर सरकार की नीति
श्री के.सी. नियोगीः श्रीमन्, मैं प्रस्ताव करता हूंः
‘‘कि ‘भूगर्भ सर्वेक्षण’ शीर्ष के अंतर्गत मांग में 100 रुपए की कटौती की जाए।’’
मैं भारत के खनिज साधनों की नीति के बारे में दिए गए अपने नोटिस के अनुसार अपने विचार प्रस्तुत करना चाहता हूं। परंतु समय के तकाजे को देखते हुए मैं चाहता हूं कि माननीय मित्र वक्तव्य देने के लिए यथासंभव जितना समय चाहें उतना लें। मैंने उन्हें विभिन्न मुद्दे बता दिए हैं जिन पर मैं समय मिलने पर भाषण देता। किन्तु बजाए इसके कि मैं बोलूं, यह महत्वपूर्ण है कि वे अपना स्पष्टीकरण दें। मैं बहुत प्रसन्न होऊंगा यदि मेरे मित्र कोई जानकारीपूर्ण वक्तव्य दें।
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः कटौती प्रस्ताव प्रस्तुत हुआः
‘‘कि ‘भूगर्भ सर्वेक्षण’ शीर्ष के अंतर्गत मांग में 100 रुपए की कटौती की जाए।’’
माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः उपाध्यक्ष जी, मुझे बहुत प्रसन्नता है कि श्री नियोगी ने ऐसा कटौती प्रस्ताव पेश किया, क्योंकि इससे सरकार को अपनी खनिज नीति की व्याख्या करने का अवसर मिला। इस संबंध में इतनी अज्ञानता है और इतनी अधिक भ्रांतियां हैं कि यह सभी के हित में होगा कि खनिज नीति जैसे विषय पर सदन को पूरी जानकारी दी जाए। श्रीमन्, मुझे खेद है, और मुझे इसमें संदेह नहीं कि सन में और भी सदस्य हैं जिनको इससे सहमति होगी और वे यह अनुभव करेंगे, कि समय सीमा के कारण श्री नियोगी के अवसर नहीं मिल सका कि वे अपने बिंदुओं की व्याख्या सदन में प्रस्तुत करते। मुझे इस बात का अहसास है और वास्तव में मैं उनका आभारी हूं कि उन्होंने अपने भाषण को संक्षिप्त करके मुझे अपना वक्तव्य देने का समय दिया।
श्रीमन्, यह एक ऐसा विषय है जिस पर पूरी स्पष्टवादिता होनी चाहिए और यह बता देना चाहिए कि वास्तव में अभी तक भारत की कोई खजिन नीति नहीं है। यह
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय), खंड 2, 12 मार्च, 1945, पृष्ठ 1383-85