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ऽभारत सरकार की श्रम नीति
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः अब श्री जोशी द्वारा कल प्रस्तुत कटौती प्रस्ताव पर आगे बहस होगी।
प्रो. एन. जी. रंगाः श्रीमन्, मैं और मेरी पार्टी के सदस्य श्री जोशी के प्रस्ताव से हार्दिक सहयोग करते हैं।
कुछ माननीय सदस्यः अब प्रश्न रखा जाए।
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त) प्रश्न यह है ......
श्री एच.ए. सत्तार एच. इशाक सेत (पश्चिमी घाट और नीलगिरीः मुस्लिम)ः सरकार के उत्तर का क्या हुआ?
(इस समय माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर खड़े होते नजर आए)
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः क्या माननीय सदस्य बोलना चाहते हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः जी, हां।
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः सदन अधीन है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं अपना धैर्य बनाए रखने की कोशिश करूंगा। यह मेरा आश्वासन है।
कल अपने कटौती प्रस्ताव पर बोलते समय श्री जोशी ने श्रम विभाग पर कुछ आरोप लगाए। समापन के समय श्री जोशी ने न केवल यह कहा कि श्रम विभाग, जिसकों श्रमिकों के हितों को व्यक्त करना और संरक्षण देना चाहिए, अपने कर्तव्य पालन में विफल रहा है। अंत में उन्होंने कहा, जिसे मैं अतिशयोक्ति समझता हूं। कि श्रम विभाग को श्रमिकों से कोई सहानुभूति नहीं है। श्रीमन्, मेरे माननीय मित्र ने
ऽ श्रम विभाग की मांग 23 पर चर्चा, विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय), खंड 2, 13 मार्च, 1945, पृष्ठ
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