230 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः इस प्रकार व्यवधान नहीं किया जा सकता।
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः शांति, शांति। समापन प्रस्ताव भाषण समाप्त होने से पूर्व नहीं किया जा सकता। विपक्ष के संतोष के लिए मैं जो कुछ कर सकता था कर दिया है। परंतु अब मेरे पास कोई विकल्प नहीं है।
श्री अब्दुल कयूमः श्रीमन्, व्यवस्था का प्रश्न है। सरकारी सदस्य 20 मिनट या इससे अधिक समय तक बोल सकते हैं। परंतु प्रश्न यह है कि क्या कोई सरकारी सदस्य जब तक चाहे अपने भाषण को लंबा खींचता चला जा सकता है? या यह अध्यक्ष को फैसला करना है कि माननीय सदस्य ने पर्याप्त समय ले लिया है या नहीं? मेरा तर्क है कि यह अधिकार मात्र अध्यक्ष का है, सरकारी सदस्य को यह अनुमति नहीं होनी चाहिए कि वह तब तक चाहे बोलता रहे। मेरा एतराज है कि वे बहुत समय ले चुके हैं।
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः मेरे लिए यह कहना बड़ी मुश्किल बात है कि उन्होंने काफी समय ले लिया है या वे जानबूझकर समय खींच रहे हैं।
कई माननीय सदस्यः अब प्रश्न प्रस्तुत किया जाए।
श्री सामी वेंकटचलम चेट्टीः मैं व्यवस्था का प्रश्न उठाता हूं। लगता है अध्यक्ष की यह धारणा है कि मैं समापन का प्रस्ताव नहीं रख सकता, परंतु इस समय माननीय सदस्य बैठे हुए हैं। मैं समापन प्रस्ताव रख सकता हूं।
उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः यह परंपरा है कि जब तक कोई सदस्य बोल रहा हो तो समापन प्रस्ताव नहीं रखा जा सकता। परंतु प्रश्न यह है कि माननीय सदस्य इसलिए नहीं बैठ गए हैं कि उन्होंने अपना भाषण समाप्त कर दिया है, वे व्यवधान के कारण बैठे हैं।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः फिर, श्रीमन्, श्री जोशी ने कहा कि श्रम विभाग में कर्मचारी कम हैं। मुझे तो आश्चर्य है कि श्री जोशी ने यह बात क्यों कहीं। मैं सदन को कर्मचारियों के बारे में बताना चाहूंगा कि नियुक्ति श्रम विभाग में हाल ही में की गई है। जहां तक कोयला खानों का संबंध है, वहां कोयला खदान कल्याण अधिकारी और उसके अधीन दो निरीक्षक हैं - उनमें से एक महिला कल्याण निरीक्षक है। फिर, एक अकुशल मजदूर आपूर्ति निदेशक है। उसके अधीन तीन उप-निदेशक और चार सहायक निदेशक हैं।
(इस समय विपक्ष की ओर से भारी शोर और मेजें थपथपाने की आवाजें हुईं)