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भारत सरकार की श्रम नीति

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श्री अब्दुल कयूमः आपकी मांग एकदम रद्द हो जाएगी।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः खान मुख्य निरीक्षक के अधीन 20 अधिकारी हैं। इसके अतिरिक्त, हमने केंद्र में एक मुख्य श्रम आयुक्त की नियुक्ति की है। उसके अधीन तीन उप-श्रमायुक्त हैं जो सभी कल्याण गतिविधियों के प्रभारी हैं।

फिर श्री जोशी ने कहा कि श्रम विभाग कार्रवाई करने में सदा पिछड़ा रहता है। यह देरी नियमों के कारण है। इस विषय में मुझे कहना है कि जिन परिस्थितियों में हम श्रम विभाग की गतिविधियां चला रहे हैं उनमें विलंब अवश्यंभवी हैं। हमें प्रांतीय सरकारों से परामर्श करना होता है, हमें श्रम संगठनों से परामर्श करना होता है, हमें मालिकों से परामर्श करना होता है। इस सब में अवश्य विलंब होता है। इसलिए मैं हीं समझता कि श्री जोशी के यह कहने का क्या मतलब है कि हम विलंब करते हैं।

श्री एन. एम. जोशीः उपाध्यक्ष जी, मैं व्यवस्था का प्रश्न उठाता हूं। आपकी व्यवस्था है कि सरकार का कोई सदस्य कितनी भी देर तक बोल सकता है। मैं अध्यक्ष से निश्चित व्यवस्था चाहता हूं।

उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः मैं समझता हूं कि माननीय सदस्य ने अपना भाषण समाप्त कर दिया है।

श्री एन. एम. जोशीः श्रीमन्, मैं सदन का समय बचाना चाहता हूं। इसलिए मैं सदस्य की अनुमति चाहता हूं कि मुझे कटौती प्रस्ताव वापस लेने दिया जाए।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं एक बात कहना चाहता हूं कि यदि मेरे मित्र श्री जोशी ने मुझे बता दिया होता कि वे अपना कटौती प्रस्ताव वापस लेने जा रहे हैं तो मैं इतनी देर न बोलता।

उपाध्यक्ष महोदय (श्री अखिल चंद्र दत्त)ः श्री जोशी इस बात के लिए बाध्य नहीं हैं कि वे माननीय सदस्य को यह बताते कि वे कटौती प्रस्ताव वापस लेने जा रहे हैं।

प्रस्ताव सदन की अनुमति से वापस लिया गया।