242 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैंने समझा कि श्रीमती राधाबाई सुब्बारायण कोयला आयुक्त और उसके कार्यों की बात कर रही है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः और उस समिति की जिसका जिक्र माननीय मित्र ने किया था।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः जी, हां वह कर सकती है।
श्री एन. एम. जोशीः मेरा विचार है कि समिति प्रत्येक प्रश्न पर विचार करेगी।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैंने सोचा वे कोयला आयुक्त की बात कर रही है।
श्री एन. एम. जोशीः महिलाओं पर लगी पाबंदी को हटाने और श्रमिक संबंधी सभी प्रश्नों पर। इसलिए मैं सोचता हूं कि यह धन स्वीकार कर लिया जाए।
सभापति महोदय (सैयद गुलाम भिक नैरंग) प्रश्न हैः
‘‘कि 31 मार्च, 1945 को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान श्रम विभाग के संबंध में किए जाने वाले भुगतानों के लिए 2,40,000 रुपए से अनधिक की अनुपूरक राशि गवर्नर जनरल इन कौंसिल को प्रदान की जाएं।’’
प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।