राष्ट्रीय सेवा श्रम न्यायाधिकरण का युद्ध कार्य
259
और सहायक प्रबंधकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ करने की सोच रहे हैं। हमें आशा है कि इस प्रशिक्षण से नए कार्यालयों को सही ढंग से स्थापित किया जा सकेगा।
पुनर्वास संगठन का कार्य यह भी होगा कि वह प्रशिक्षण और युद्ध सेवा से निकाले गए कर्मियों के प्रशिक्षण तथा कल्याण का काम देखें और नए रोजगार में उनके हितों का ध्यान रखे। प्रचार की व्यवस्था की जाएगी। संगठन का विवरण आपके विचार के लिए पेश किया जाएगा और हम प्रांतीय सरकारों के सुझावों की भी प्रतीक्षा करेंगे।
बहुत विशाल कार्य
सज्जनों, यह बहुत आवश्यक है कि आप अपने प्रांतों में लौट कर इन प्रस्तावों पर प्रांतीय सरकारों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करें और उन्हें हमारे कार्यक्रम से अवगत कराएं। हम इसकी परिधि के विषय में कोई भ्रांति नहीं रखना चाहते। यदि कुछ ऐसी कठिनाइयां हैं जिन्हें आप हल नहीं कर सकते तो आप हमारे ध्यान में लाइए और अपने सुझाव दीजिए कि उनसे कैसे निपटा जाए। हमने एक जटिल और विशाल कार्य अपने हाथ में लिया है। हमें उन लक्ष्यों को ध्यान में रखकर मिल जुल कर यह कार्य करना है।
मैंने आपका काफी समय ले लिया है। सज्जनों, आपके रवाना होने से पूर्व मैं आपके कार्यों में तीव्रता और सौभाग्य की शुभकामना करता हूं।
* * *
ऽक्षेत्रीय श्रमायुक्तों की नियुक्ति
तीन क्षेत्रीय श्रमायुक्त - श्री डी.जी. जाधव, डॉ. सेठी और श्री अबु तालिब - केंद्र सरकार द्वारा क्रमशः बंबई, कलकत्ता और लाहौर में नई व्यवस्था के प्रशासन के लिए नियुक्त किए गए हैं जो औद्योगिक संबंधी और केंद्रीय क्षेत्र के उद्योगों तथा उपक्रमों का कार्य देखेंगे। संगठन को मुख्यालय पर तैनात केंद्र सरकार के मुख्य श्रमायुक्त श्री एस.सी. जोशी के अधीन रखा गया है।
नई व्यवस्था में दिल्ली का एक उप-श्रमायुक्त, 9 समझौता अधिकारी, 24 श्रम निरीक्षक (केंद्रीय) जो पूरे भारत में विभिन्न केंद्रों पर तैनात हैं, और औद्योगिक कैंटीनों का केंद्रीय निरीक्षक रखें गए है।
केंद्रीय क्षेत्र के अधीन ये उद्योग हैंः (1) भारत सरकार के स्वामित्व वाले और उसके द्वारा नियंत्रित सभी औद्योगिक उपक्रम_ (2) संघीय रेलवे_ (3) खानें और तेल कुएं, और (4) प्रमुख बंदरगाह।
ऽ इंडिया इन्फार्मेशन, 15 मई, 1945, पृष्ठ 152