48. दामोदर घाटी का बहुउद्देशीय विकास - Page 286

दामोदर घाटी का बहुउद्देशीय विकास

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का फैसला किया गया, अर्थात एक बहुउद्देशीय योजना के लिए आंकड़े एकत्र करने के उद्देश्य से एक मशीनरी बनाई जाए। भारत सरकार की ओर से मैं आरंभिक कार्य के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता की पेशकश करता हूं।

‘‘बंगाल के इंजीनियरों के सहयोग से विशेषज्ञों ने दामोदर घाटी के समन्वित विकास के लिए एक प्रारंभिक दस्तावेज तैयार कर लिया है। इसकी प्रतियां बंगाल और बिहार सरकारों के पास हैं।’’

‘‘इस दस्तावेज के संबंध में मैं इसे अपना कर्तव्य समझता हूं और मेरा विश्वास है कि मैं आपकी भावनाओं को व्यक्त कर रहा हूं, कि हम श्री वूरद्विन का आभार व्यक्त करें जिन्होंने इस दस्तावेज का प्रारूप तैयार किया और बंगाल के इंजीनियरों ने भी उनका सहज सहयोग किया। केंद्रीय बिजली प्राविधिक बोर्ड के अध्यक्ष श्री मैथूस ने भी अपने परामर्श से हमें लाभान्वित किया और मुझे इसमें संदेह नहीं है कि हमें जलमार्ग और नौवहन बोर्ड के अध्यक्ष श्री खोसला से पूरी सहायता मिलेगी।’’

‘‘फिलहाल हमारे पास दामोदर नदी घाटी की पूरी संभावनाओं के विषय में बहुत स्पष्ट, बहुत व्यापक और बहुत महत्वपूर्ण सर्वेक्षण मौजूद हैं। उसके साथ ही पर्याप्त आंकड़े हैं जिससे हम अगला कदम विश्वास के साथ उठा सकते है।’’

‘‘आज हमारी बैठक में इस प्रारंभिक दस्तावेज और इससे उठने वाले मुद्दों पर विचार होगा। यह बिंदु कार्यसूची में सम्मिलित है, जो इस बैठक के लिए तैयार की गई है। इस कार्यसूची में वे सभी विषय शामिल हैं जो प्रारंभिक दस्तावेज में उठाए गए हैं और जिन पर तुरंत कार्यवाही की आवश्यकता है। चूंकि इसे बंगाल और बिहार की सरकारों के पास पहले ही भेज दिया गया है, इसलिए इस पर और बोलना मेरे लिए अनावश्यक है। अतः मैं दो सामान्य बातों तक ही सीमित रहूंगा - (1) नीतिगत मामले और (2) प्रक्रियागत प्रश्न।’’

‘‘बाढ़ नियंत्रण एक नीतिगत प्रश्न है। मुझे आशा है कि बाढ़ से संरक्षण देने वाले उपायों पर आम सहमति होगी क्योंकि इससे दामोदर पेठे के पीडि़त क्षेत्रों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित होगी जहां विकट प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बनी रहती है। मुझे यह कहने में प्रसन्नता है कि प्रारंभिक दस्तावेज में जो कार्यक्रम रखा गया है उसमें सुरक्षा के संपूर्ण उपाय रखे गए हैं।’’

‘‘दूसरा नीतिगत मामला तीनों सरकारों की इस सामूहिक जिम्मेदारी का प्रश्न है कि वे इस काम को मिलजुल कर करें। मैं सोचता हूं कि इस बात पर सब सहमत होंगे कि प्रारंभिक दस्तावेज में यह औचित्य दर्शाया गया है कि दामोदर नदी घाटी के विकास के लिए तीनों सरकारें दस्तावेज में वर्णित सामान्य आधार पर प्रभावशाली ढंग से कार्य करें।’’