264 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
सम्मेलन में विचार-विमर्श
सम्मेलन में फैसला लिया गया कि समन्वित और बहुउद्देशीय दामोदर घाटी विकास परियोजना के बारे में आगे जांच पड़ताल और प्रगति की जाए।
प्राकृतिक परिस्थितियों के विरुद्ध आवश्यक बाढ़ संरक्षण के अधिकतम उपायों की योजना पर सहमति हुई।
दामोदर नदी पर निर्माण आरंभ करने से पहले संभावित बांध स्थलों के बारे में जांच-पड़ताल करना आवश्यक है, और जिन स्थलों पर जांच आवश्यक है वे हैंः मैथन, अइयार तथा सोनालापुर। सम्मेलन में प्रश्न के तकनीकी पक्ष पर विचार किया गया और फैसला लिया गया कि पड़ताल की प्राथमिकता में, पहले मैथन, दूसर अइयार और तीसरे स्थान पर सोनालापुर को लिया जाए और केंद्रीय तकनीकी बिजली बोर्ड इन सभी स्थलों पर परियोजना रिपोर्ट तैयार करे। सोनालापुर के मामले में कोयला उत्पादन पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए।
आवश्यक कर्मचारी
‘‘केंद्र सरकार ऐसी परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए आगे जांच हेतु आवश्यकतानुसार कर्मचारी प्राप्त कराने की चेष्टा करेगी। लेकिन इस बीच तुरंत उपलब्ध कर्मचारियों द्वारा जांच प्रारंभ की जाए।
‘‘सम्मेलन इस बात पर सहमत था कि बांध स्थल की जांच में लगे सभी कर्मचारी केंद्रीय तकनीकी बिजली बोर्ड के तकनीकी निर्देशन में कार्य करें ताकि आरंभिक कार्य संचालन पर एक ही नियंत्रण रहे।
यह भी फैसला किया गया कि प्रस्तावित समन्वित कार्यक्रम के अधीन पहले बनने वाले, दो बांधों के आकलन और निर्माण के लिए अमरीका के चार इंजीनियरों की सेवाएं ली जाएं। इन इंजीनियरों का एक तकनीकी मिशन होगा और यदि संभव हो सके तो यह अगले वर्ष के शुरू में आ जाएं। यह आशा की गई कि तब तक वांछित आंकड़े एकत्र कर लिए जाएंगे।
संपूर्ण आशय का उद्देश्य कार्यक्रम चलाना और दामोदर घाटी प्राधिकार बनाना है। सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि आंतरिक उपाय के रूप में प्रस्तावित परियोजना के तालमेल और आरंभिक कार्य में तेजी लाने के लिए उच्च पद का एक प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया जाए।
यह सहमति हुई कि परियोजना से संबद्ध अन्य समस्याओं के विषय में भी साथ ही साथ छानबीन होनी चाहिए। बंगाल और बिहार के सिंचाई विभाग, केंद्रीय सिंचाई