दामोदर घाटी का बहुउद्देशीय विकास
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जल मार्ग और नौवहन आयोग के परामर्श से सिंचाई के लिए उपलब्ध होने वाले पानी के उपयोग के तरीकों का पता लगाए। जिन अन्य मामलों में छानबीन होनी है उनमें बिजली की मांग में विकास, नर्सरी स्टेशनों की स्थापना, क्षरण रोधी कार्य और नौवहन तथा भूगर्भीय विषय और योजना का जलापूर्ति पक्ष तथा बिजली लाइनें बिछाना शामिल है।
बैठक में केंद्र सरकार तथा बंगाल और बिहार के निम्नलिखित प्रतिनिधियों ने भाग लियाः
भारत सरकार - श्रम विभाग के सचिव श्री एच. वी. प्रियर_ श्रम विभाग के उप-सचिव श्री डी. एल. मजूमदार_ आपूर्ति विभाग के संयुक्त सचिव, श्री एम. इकरामुल्ला_ केंद्रीय तकनीकी बिजली बोर्ड के अध्यक्ष, श्री एच. एम. मैथ्यूज_ केंद्रीय तकनीकी बिजली बोर्ड के पनबिजली सदस्य, श्री डब्ल्यू. एल. वूरदिन_ आपूर्ति विभाग के उप-सचिव, श्री सी. कोट्रस_ कोयला उपायुक्त, श्री जे.आर. हैरीसन।
बंगाल सरकार - गर्वनर के संचार और निर्माण सलाहकार, श्री ओ. एम. मार्टिन_ महामहिम गवर्नर के वित्त, वाणिज्य, श्रम और उद्योग विभाग के सलाहकार, श्री आर. एल. वाकर_ संचार और निर्माण विभाग के सचिव, श्री बी. बी. सरकार_ मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग, पश्चिम बंगाल, राय बहादुर एस. के. गुप्ता_ दामोदर योजना के लिए विशेष रूप से नियुक्त अधीक्षक अभियंता, श्री मानसिंह_ जन स्वास्थ्य निदेशक, मेजर एम. जफर और युद्धोत्तर पुनर्निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव, श्री अजीज अहमद।
बिहार सरकार - विकास आयुक्त, श्री एस. एम. धर और मुख्य अभियंता, सिंचाई और बिजली, श्री डब्ल्यू. जी. केन।