270 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
राष्ट्रीय परिस्थितियों का तकाजा है। उसका मानक तुरंत निश्चित किया जाना चाहिए। आशा है यह संक्षिप्त सर्वेक्षण हमें यह सोचने का अवसर देगा कि कानूनों के बारे में कितना कार्य शेष हैं यह एक ऐसा ऋण है जिससे हमें उऋण होना है। जब मैं यह कहता हूं कि इससे हम मुंह नहीं मोड़ सकते तो आप मुझसे सहमत होंगे। हम इससे पलायन नहीं कर सकते। विश्व जनमत हमें इससे मुंह नहीं मोड़ने देगा।’’
‘‘मैंने अपने दायित्वों को निभाने की जो बात कही है इसका कारण यह है कि आप देश में बहुत सी गलतफहमियां सुन सकते हैं - श्रम कानूनों की आवश्यकता और तात्कालिकता के बारे में बहुत शिकायतें की जा रही हैं। कई लोग सदा ब्रिटेन का अनुसरण करने की बात करते हैं। कहा जाता है कि ब्रिटेन में मौजूदा श्रम संहिता लागू करने में एक शताब्दी लगी। दूसरे लोगों का आग्रह है कि उद्योगों पर श्रम कानूनों का भार लादना अनुचित होगा क्योंकि ये उद्योग अभी अपनी शैशव अवस्था में हैं और रूस की मिसाल देते हैं जहां कर्मचारीवर्ग को विवश किया जाता है कि वे उद्योगों को फलने-फूलने देने के लिए बहुत निम्न स्तर को स्वीकार कर लें। यह भी कहा जाता है कि भारत में श्रम कानूनों का पालन कराने के लिए अभी प्रशासनिक तंत्र मौजूदा नहीं है, इसलिए ये कानून बट्टे खाते में पड़े रहेंगे। आमतौर पर एक और तर्क दिया जाता है कि भारत एक गरीब देश है और वह श्रमिकों की विलासिता का भार सहन नहीं कर सकता।
श्रम कानून
‘‘मैं नहीं समझता कि विश्व जनमत इस बात को स्वीकार कर सकेगा। इन तर्कों को अच्छा और सही मानने के बजाय श्रमिक वर्ग इन बातों को बहानेबाजी मानेगा।’’
‘‘श्रमिक का यह कहना सही होगा कि ब्रिटेन में यदि श्रम कानून संहिता को 100 साल लगे तो यह कोई तर्क नहीं है कि भारत भी 100 साल लगाए। इतिहास के अध्ययन का यह अर्थ नहीं कि हम अन्य देशों की गलतियां दोहराएं। हम इतिहास के अध्ययन से गलतियों का पता लगाते हैं यह जानने के लिए कि लोगों ने जो गलतियां की हैं उनसे कैसे बचा जाए। इतिहास मिसाल नहीं। अक्सर यह एक चेतावनी होती है।’’
श्रमिकों को यह कहने का अधिकार है कि ऐसे देश में जहां उद्योग निजी क्षेत्र में हैं और उनका लाभ उद्योगपतियों को मिलता है, रूस का उदाहरण देना व्यर्थ है। रूस के उद्योग सरकारी हैं और उनसे प्राप्त लाभ सरकारी खजाने में जाता है, कुछ व्यक्तियों की तिजोरियों में ही नहीं। जहां उद्योगों का लाभ सरकार को मिलता है