280 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कल्पना कीजिए, तटगामी यान अथवा हल्के जल यान सागर से कटक होकर संबलपुर और आगे मध्य प्रांत एक नहर मार्ग से जा सकें। यह एक योजना है जो दुखद को सुखद बना सकती है।
‘‘उड़ीसा, बाढ़ की विभीषिका से मुक्ति चाहता है। उड़ीसा मलेरिया से मुक्ति पाना चाहता है और एक अमरीकी मुहावरे के अनुसार, कम आयु, कमजोरी से उत्पन्न बीमारियों से अपनी जनता पर लगे कलंक को धोना चाहता है। उड़ीसा अपनी नौवहन क्षमता तथा सस्ती बिजली तैयार करके अपनी जनता का जीवन-स्तर सुधारना चाहता है। उसके ये सभी उद्देश्य सौभाग्य से एक योजना से पूरे हो सकते हैं अर्थात जलाशय तैयार करना और नदियों के बह जाने वाले पानी का भंडारण।’’
बहुउद्देशीय जलाशय
‘‘इसलिए मुझे यह जानकर प्रसन्नता हुई कि 1945 में नियंत्रण समिति ने ठीक टिप्पणी की जब उसने कहा कि उड़ीसा में पानी की समस्या का अंतिम समाधान यही है कि बहुउद्देशीय बांध बनाए जाएं। मेरा कथन है कि इसे मात्र के उपाय या तत्कालिक कार्यक्रम ही समझा जाए न कि अंतिम लक्ष्य। इस परियोजना की संभावना से सभी अवगत नहीं लगते। परंतु यह बहुत विशाल है। मैं चाहता हूं कि इसक महत्व को उड़ीसा सरकार, उड़ीसा के राज्यों के प्रतिनिधियों और उड़ीसा के लोगों को अच्छी तरह बताया जाए ताकि इसमें लोगों की रुचि बढ़े।
‘‘इस विचार से एक तुलनात्मक विवरण देना श्रेयस्कर होगा। हमने सुना है कि अमरीका में बोल्डर बांध पर एक झील बनाई गई है जो विश्व में विशालतम मानव-निर्मित झील है। हमने मद्रास के मटूर बांध और हैदराबाद में प्रस्तावित तुंगभद्रा बांध के विषय में सुना है जो प्रतिस्पर्धी है। पहले झील से तुलना करें तो हम पते हैं कि उड़ीसा की नदियों मेंं जो पानी बहता है वह झील के पानी से तीन गुना बैठता है। मद्रास के मटूर बांध और हैदराबाद के तुंगभद्रा से तुलना की जाए तो कहा जा सकता है कि महानदी में साढ़े छह करोड़ एकड़ फुट से अधिक भूमि पर पानी आता है जो मद्रास के मटूर जलाशय की क्षमता से 30 गुना अधिक है और प्रस्तावित तुंगभद्रा बांध से 20 गुना अधिक। अंदाजा लगाया जा सकता है कि कितना पानी लाभकारी और प्रभावशाली ढंग से एकत्र किया जा सकता है। उड़ीसा सरकार, उड़ीसा के राज्य, और उड़ीसा के लोगों को अपने आपको भाग्यशाली समझना चाहिए और परियोजना पर गर्व करना चाहिए और वास्तविकता को समझने का प्रयत्न करना चाहिए।’’
डॉ. अम्बेडकर ने आगे कहाः ‘‘इस बैठक की कार्यसूची बहुत साधारण सी है। इसमें (1) एकमुश्त और बहुउद्देशीय विकास योजनाओं के विकास की दृष्टि