52. छंटनी के बारे में रेलवेमेंस पफेडरेशन की मांग अस्वीकृत - Page 311

286 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

नियुक्त करे जो प्रस्ताव में उल्लिखित शर्तो के विषय में फैसला करे। श्रीमन्, यह स्वीकार करना होगा कि इतना बड़ा कदम उठाने जैसे निर्णायक की नियुक्ति करने से पूर्व श्रम विभाग दोनों पक्षों की बात कराए, उनके बीच चल रहे मुद्दों पर मिल बैठकर बातचीत करे, जहां तक संभव हो उनके विवादों को कम करे, और देखें कि वे एक-दूसरे की मांग को किस हद तक स्वीकार करते हैं। मुझे यह बताने में प्रसन्नता है कि वह कार्य श्रम विभाग ने तुरंत किया। रेल विभाग ने कहा कि वह रेलवेमेंस फेडरेशन के प्रतिनिधियों से मिले और विवाद के मुद्दों पर बातचीत करे। माननीय सदस्य अवगत होंगे कि रेलवेमेंस फेडरेशन और रेल विभाग के प्रतिनिधियों के बीच जब विवादित मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ तो रेल विभाग की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गई कि दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई है और कुछ विवादास्पद मुद्दों पर बातचीत हुई है। पांच दिसम्बर को यह विज्ञप्ति जारी की गई थी। पांच दिसम्बर से आज तक के बारे में यह नहीं कहा जा सकता कि अनावश्यक देरी हुई है या अनावश्यक देरी की गई है या श्रम विभाग की ओर से कोई विलंब हुआ हो कि जब उसे पता चला तो उसने वह कदम नहीं उठाया जो उठाया जाना चाहिए था।

परंतु एक और मुद्दा है जिस पर मुझे सदन का ध्यान दिलाना है। यह नहीं कहा जा सकता - और मैं सोचता हूं कि श्री गुरुस्वामी को यह पता होगा - कि बातचीत अभी समाप्त नहीं हुई है। बातचीत अभी चल रही है और मैं सदन को बताता हूं कि रेल विभाग और फेडरेशन आफ इंडियन रेलवेमैन के बीच सहमति हो चुकी है कि इंडियन रेलवेमेंस फेडरेशन की एक लघु समिति बनाई जाए ताकि रेल विभाग से आगे बातचीत की जा सके। इसकी तिथि जनवरी, 1946 का अंत रखी गई है। अभी जनवरी समाप्त नहीं हुई है। अभी बातचीत का समय बचा है।

श्री श्रीप्रकाशः अंत समय आ गया है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः हां, परंतु यह ऐसा मामला है जिसे मुझे

खेद है कि मैं इसे स्वीकार नहीं कर सकता।

दीवान चमनलाल (पश्चिम पंजाब-गैर मुस्लिम)ः क्या मैं एक मिनट के लिए बीच में बोल सकता हूं? क्या यह सच है कि नियमित नियुक्ति की मांग सरकार ने निश्चित रूप से रद्द कर दी है?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं अभी बताता हूं, मैं बता रहा था कि जब तक श्रम विभाग इस बात से पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाता कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते का अंतिम प्रयत्न भी विफल हो गया है तब तक नियुक्ति के निर्णय का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता, और मैं अपने माननीय मित्र को बता दूं कि एक अवसर अब भी शेष है। एक अवसर दिया गया है, और रेलवेमेंस फेडरेशन