290 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हूं कि मुझे आशा है कि जब सरकार इस मामले में कोई निश्चित फैसला कर लेगी तो मैं सरकार के फैसले पर सदन में एक पत्र परिचालित करूंगा और सदस्य जिस तरीके से चाहें इस विषय पर बहस के लिए मुद्दे उठा सकते हैं।
बाबू राम नारायण सिंहः मेरी सूचना है कि हजारी बाग जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और वे लोगों से जाने के लिए कह रहे हैं।
अध्यक्ष महोदयः क्या माननीय सदस्य को विश्वास है कि यह कार्रवाई उसी योजना से संबंधित है?
बाबू राम नारायण सिंहः जी, हां।
अध्यक्ष महोदयः परंतु ऐसा लगता है कि सरकार ने अभी कुछ नहीं किया है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः सरकार मात्र संपर्क सड़कें बनाने के लिए कुछ भूमि का अधिग्रहण कर रही है।
अध्यक्ष महोदयः इस योजना के लिए?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः जी, उन्होंने संपर्क सड़कें बनाने के बारे में मात्र नोटिस जारी किए हैं। इस समय तक अधिग्रहण का कोई सवाल नहीं है............
अध्यक्ष महोदयः अधिग्रहण क्या आंकड़े इकट्ठा करने के लिए हैं?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः इस स्थिति में अधिग्रहण का सवाल नहीं है। निस्संदेह यदि सरकार दामोदर नदी पर बांध बनाने का फैसला करती है तो इस आशय से कुछ संपर्क सड़कें बनानी होंगी और सड़कें बनाने के लिए उसने लोगों को छोटी सी पट्टी बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण के नोटिस दिए हैं। इस कार्य स्थगन प्रस्ताव में विशिष्ट प्रश्न उठाया गया है, कि हजारी बाग, मानभूमि और संथाल परगना में सैकड़ों गांवों के हजारों लोगों से जबरन अपने घरों से हटने के लिए कहा गया है परंतु वह सवाल इस स्थिति में पैदा ही नहीं होता क्योंकि सरकार को पता नहीं कि क्या होगा। मैं कहना चाहता हूं कि यह बिल्कुल आरंभिक चरण है।
अध्यक्ष महोदयः इस बारे में मैं कठिनाई अनुभव कर रहा हूं कि यदि सरकार ने यह फैसला कर लिया है कि बांध बनाया जाए और यदि वह संपर्क मार्गों के लिए आरंभिक कदम उठा रही है तो इससे क्या फर्क पड़ता है कि उनकों यह निश्चय है या नहीं कि कितने लोगों को हटाना होगा क्योंकि बांध तो एक मान्य तथ्य है।