श्रम संबंधी कानून में एकरूपता
7
का मनोबल गिरता है। फिर भी अनेक प्रश्न रह जाते हैं जो इतने गौंण हैं कि उनके कारण औद्योगिक अशांति नहीं हो सकती फिर भी इनसे आक्रोश उत्पन्न हो सकता है। अधिकांश ऐसे मामले जिनसे आक्रोश उत्पन्न हो सकता है उन्हें साधारण संदर्भ में सामाजिक कल्याण से जोड़ा जा सकता है।
ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है और यह हमारी मुख्य आवश्यकता है कि तत्काल ऐसी व्यवस्था स्थापित करें जो सरकार को इन समस्याओं के शांतिपूर्ण और संतोषजनक रूप में सुलझाने की बाबत सलाह दे जिसके लिए सरकार ने यह सम्मेलन तत्काल बुलाया है।
अगला कार्यक्रम
यह है इस सम्मेलन का महत्व और ये हैं इसके लक्ष्य और उद्देश्य। अब इस सम्मेलन के समक्ष जो कार्यक्रम है उसके संबंध में आप देखेंगे कि हमारी कार्यसूची बहुत संक्षिप्त है। इसमें बहुत सामग्री नहीं है, किन्तु यह अपरिहार्य है। हम आपके समक्ष तब तक इससे बेहतर कार्यसूची नहीं रख सकते जब तक कि मूलभूत प्रश्नों पर हम किसी निर्णय पर न पहुंच जाएं कि इस प्रकार के सम्मेलन की योजना से हम सहमत हैं या नहीं और इसका गठन किस प्रकार का होना चाहिए। ऐसी स्थिति में मैं आपसे आग्रह करता हूं कि कृपया निम्नलिखित मुद्दों पर अपना निर्णय देंः-
- स्थायी संगठन के रूप में एक ऐसे स्थायी श्रमिक सम्मेलन की स्थापना की
आवश्यकता है जिसकी कम से कम वर्ष में एक बार बैठक हो_
- इस सम्मेलन के लिए एक ऐसी स्थायी समिति के गठन की आवश्यकता
है जो सरकार के कहने पर तत्काल अपनी बैठक बुलाए और सरकार द्वारा
रखे गए मुद्दों पर अपनी सलाह दे_ और
- इन निकायों के गठन की प्रक्रिया को सामान्य रूप से परिभाषित करना।
जहां तक इन निकायों के गठन का प्रश्न है, यह वांछनीय होगा कि मैं आपके समक्ष वह योजना रखूं जो हम इस तरह के त्रिपक्षीय सम्मेलन के लिए सर्वोत्तम समझते हैं।
हमारा विचार दो और निकायों की स्थापना करने का है -
(1) खुला सम्मेलन, और (2) स्थायी सलाहकार समिति।
खुला सम्मेलन
खुला सम्मेलन में केंद्रीय सरकार, प्रांतों, राज्यों, कर्मचारियों और नियोजकों के प्रतिनिधि होंगे। सामान्य तौर पर प्रत्येक प्रांत और बड़ा राज्य प्रतिनिधि भेजने का हकदार