312 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
जैसा कि माननीय सदन अवगत है, भारत सरकार ने श्रमिकों के विषय में अपनी नीति घोषित कर दी है। इस प्रश्न से संबद्ध अंशों को पढ़ने का मेरे पास समय नहीं है। यह सूचना परिषद की पुनर्निर्माण समिति के दूसरे भाग के शीर्ष XXV के पृष्ठ 55 और 56 में उपबंध है। इसलिए कोई यह नहीं कह सकता कि इस बारे में सरकार का कोई उद्देश्य नहीं है। मैं एक कदम आगे बढ़कर कहता हूं कि भारत सरकार ने केवल उद्देश्य तय नहीं किए हैं, बल्कि एक कार्य योजना बनाई है। सदन को कार्य योजना से पता चलेगा कि भारत सरकार ने देश भर में मजदूरों की दशा जानने के लिए सर्वेक्षण कराने के आशय से तथ्यान्वेषी समिति नियुक्त कर दी है, वह भी दो साल पूर्व। हमें इस समिति की 34 उद्योगों के विषय में 34 रिपोर्टें मिल गई हैं। साथ ही एक सामान्य सिंहावलोकन सभी विशिष्ट रिपोर्टों पर कर लिया गया है। इनमें से 18 छप चुकी हैं, शेष मुद्राकों के पास है। कर्मचारियों के इस सामान्य औद्योगिक सर्वेक्षण के साथ ही देश में श्रमिकों के स्वास्थ्य बीमा के बारे में रिपोर्ट तैयार करने हेतु प्रो. अडारकर को विशेष अधिकारी बनाया गया है। जैसाकि मैंने कहा है, हमने केवल उद्देश्य ही निर्धारित नहीं किए हैं बल्कि हमारा एक कार्यक्रम भी है जिन पर सामाजिक सुरक्षा की योजना आधारित होगी। जैसा कि सदन को मालूम है, इस समय दो प्रकार के विचार हैं। एक है कि अन्य देशों की तरह हम चरणवार चलें। जैसे हमारे उद्योग बढ़ेंगे हम असुरक्षा के मामलों में विशेष रूप से देखेंगे और असुरक्षा से राहत दिलाने के लिए एक प्रशासनिक तंत्र बनाएंगे। एक अन्य विचार भी है जिस पर न्यूनाधिक ‘वेवरिज योजना’ का प्रभाव है और जिसके अंतर्गत बीमे सहित सुरक्षा नीति संबंधी सभी मामले एक साथ देखे जाएंगे। मैं किसी मामले को लेना नहीं चाहता और यह नहीं कहूंगा कि कौन सी योजना बेहतर होगी। भारत सरकार एक समिति या ऐसी ही संस्था बनाने का विचार रखती है। यह रिपोर्ट देखकर भारत सरकार को सलाह देगी कि किसी मामले में क्या किया जाए, चरणवार कार्य किया जाए या एक महत्वाकांक्षी योजना बनाई जाए जैसाकि वेवरिज रिपोर्ट में कहा गया है। जो सर्वेक्षण मैंने पेश किया है वह बहुत संक्षिप्त है। मेरे पास विस्तार से बताने का समय नहीं है। इससे सदन को पता चलेगा कि कटौती प्रस्ताव देने वाले माननीय सदस्य कौन हैं। जो शिकायत है वह पूरी तरह निराधार है कि कार्यकारी परिषद निक्रिष्य है, उदासीन है और श्रमिकों के कल्याण तथा सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया है। मुझे आशा है कि सदन उनके द्वारा प्रस्तुत कटौती प्रस्ताव को अस्वीकार कर देगा।