59. मुसलमानों की स्थिति श्रम विभाग में बेहतर है - Page 338

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ऽमुसलमानों की स्थिति श्रम विभाग में बेहतर है

सभापति महोदयः अब श्री जफर के कटौती प्रस्ताव पर बहस जारी रहेगी।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः अध्यक्ष महोदय, सदन के बहुत सदस्यों को याद होगा कि श्रम विभाग पर बहुत पत्थर फेंके गए.........

नवाबजादा लियाकत अली खां (मेरठ डिवीजनः मुस्लिम ग्रामीण)ः ईंटें, पत्थर नहीं ........

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः या ईंटे कहिए, पिछले सप्ताह इस कटौती प्रस्ताव के पूर्व। यह उचित ही है कि मैं अपने विभाग में मुसलमानों की स्थिति बताने के लिए खड़ा हुआ हूं। मैंने दो वक्ताओं की धाराप्रवाह टिप्पणियां सुनी जो कटौती प्रस्ताव पर बोले। उन्होंने भारत सरकार के विभिन्न विभागों में मुस्लिमों की स्थिति पर आंकड़े रखे। चूंकि मैंने वह टिप्पणियां सुनी, मुझे अपने पास मौजूद तथ्य बताने होंगे। मुझे यह कहने में बहुत गर्व है कि श्रम विभाग में मुसलमानों की स्थिति उस तस्वीर से बहुत बेहतर है जो उन्होंने भारत सरकार के अन्य विभागों के बारे में चित्रित की। यह बेकार की शेखी बधारने वाली बात नहीं है बल्कि यह तथ्यों के बलबूते पर आधारित है। उन्हें कुछ ही मिनटों में वे मिल जाएंगे। वह हमने एकत्र कर लिए हैं और मैं कह सकता हूं कि मैंने बड़ी मेहनत से भारत सरकार के श्रम विभाग में मुसलमानों के प्रतिशत के बारे में आंकड़े इकट्ठे किए हैं। न केवल श्रम अनुभाग में बल्कि लोक निर्माण विभाग और अन्य संबद्ध कार्यालयों में भी इस संख्या से पता चलता है कि इस समुदाय की क्या स्थिति है और मुसलमानों के साथ-साथ अन्य समुदायों की भी क्या स्थिति है। परंतु मुझे अहसास है कि जो समय मुझे मिला है उसमें मेरे लिए असंभव होगा कि मैं इन भिन्न-भिन्न समुदायों के बारे में पूरी स्थिति पेश कर सकूं। इसलिए आज मैं केवल मुसलमानों की स्थिति पर बताऊंगा - न केवल उनकी कुल संख्या बल्कि उनका प्रतिशत भी ताकि मुस्लिम लीग के सदस्य सही स्थिति को जान लें।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय), खंड 3, संख्या 10, 14 मार्च, 1946, पृष्ठ 2406