59. मुसलमानों की स्थिति श्रम विभाग में बेहतर है - Page 342

मुसलमानों की स्थिति श्रम विभाग में बेहतर

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के स्थायी पद भर काम शुरू किया। अब मैं अपने माननीय मित्र को अब तक की नियुक्तियों के बारे में बताऊंगा। स्वभवतः हमें ये पद संघीय लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरने थे जिसमें योग्यतानुसार 40 नामों की सिफारिश की। हमें केवल 13 छांटने थे। इन 13 में केवल एक मुस्लिम था जो छांटा जा सका।

नवाबजादा लियाकत अली खांः 40 नामों में से।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः जी हां, नाम योग्यतानुसार दिए गए थे और हमारे यहां केवल 13 पद थे। स्पष्ट है कि हम सूची में 13 पर रुक गए। जैसा कि मैंने कहां, ये तकनीकी पद हैं और इसलिए हमें अर्हता पर बहुत ध्यान देना था। यदि श्रम विभाग अपनी मूल नीति पर चलता कि केवल वे ही उम्मीदवार लिए जाएं जिनकी संघीय लोक सेवा आयोग ने मात्र योग्यता के आधार पर सिफारिश की है, तो केवल एक मुस्लिम उम्मीदवार लिया जाता। परंतु श्रम विभाग ने यह जानकर कि यह मुसलमानों की दृष्टि से संतोषजनक नहीं रहेगा क्योंकि सूची में मुसलमान पिछड़ जाएंगे और इसलिए 4 का कोटा पूरा करने के लिए 13 के बहुत नीचे जाकर और मुस्लिम उम्मीदवार लिए गए। एक और काम हमने किया, और जिसके बारे में मैं जानता हूं कुछ लोग इसे गलत समझ सकते हैं। हमने देखा कि भूगर्भ सर्वेक्षण महानिर्देशालय कार्यालय में कोई मुस्लिम अधिकारी नहीं है। हमने क्या किया? हमने अपने माननीय मित्र सर जियाउद्दीन अहमद के विश्वविद्यालय से दो मुस्लिम छात्रों को चुन लिया.......

डॉ. जियाउद्दीन अहमदः इसका श्रेय आपको नहीं जाता।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः वे प्रशिक्षित भूगर्भवेत्ता नहीं थे। उनकी योग्यता केवल भूगोल में थी, परंतु इसके बावजूद हमने दो को चुना। हमने उन्हें प्रशिक्षित किया ताकि उन्हें बाद में भूगर्भ सर्वेक्षण कार्यालय में नियुक्त किया जा सके।

अब श्रीमन्, मैं खान विद्यालय पर आता हूं। इस पर पिछली सभा में कुछ प्रश्न थे। क्या मैं जान सकता हूं कि मेरा कितना समय बचा है?

अध्यक्ष महोदयः माननीय सदस्य 20 मिनट ले सकते हैं। जरूरी हुआ तो मैं उन्हें और भी समय देने को तैयार हूं। वे 1.15 तक बोल सकते हैं।

श्री श्रीप्रकाश (बनारस और गोरखपुर डिवीजनः गैर-मुस्लिम देहात)ः आप सदन का 25 प्रतिशत समय ले सकते है।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं इस विषय पर अर्धदान खाते या अर्ध गंभीरता से नहीं बोलना चाहता हूं जैसा कि मेरे मित्र ने किया।

श्री श्रीप्रकाश ः मैं बिल्कुल गैर-गंभीर नहीं था।