320 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
सेवा आयोग से पूछें कि जो नाम उन्होंने सुझाए हैं उनमें कोई भी मुसलमान क्यों नहीं है। संघीय लोक सेवा आयोग का उत्तर यह था। यह दिलचस्प बाता है कि उसने इस विषय पर दूसरा ही प्रकाश डाला। संघीय लोक सेवा आयोग ने कहा कि विज्ञापन पर 240 आवेदन मिले थे। उनमें से केवल 8 मुस्लिम थे जिनमें से आयोग ने 3 को साक्षात्कार के लिए बुलाया। उनमें से इस पद के लिए उसने किसी को भी योग्य नहीं समझा। महोदय, संक्षेप सांप्रदायिक प्रतिनिधत्व में यह श्रम विभाग का रिकार्ड है। मेरा दावा है कि मेरे यह पद पाने के बाद से यह कहा जा सकता है कि मुसलमानों की स्थिति बिगड़ने के बजाए काफी सुधार है। अपने विभाग के लिए मैं और कोई दावा नहीं करता। मैं दो बातें कह कर समाप्त कर रहा हूं। मुझे पता नहीं है कि मुस्लिम लीग के कितने सदस्य जानते हैं कि सांप्रदायिक अनुपात प्रस्ताव पर मैंने क्या भूमिका निभाई है। मैं समझता हूं कि यदि लंदन के गोलमेज सम्मेलन में कोई मुस्लिम लीग का सदस्य उपस्थित था तो उसे अच्छी तरह अहसास होगा कि जिन्होंने अल्पसंख्यक समुदायों को ये अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया उनमें मैंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि मुझे मुसलमानों की मांगों या अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की मांगों के प्रति सहानुभूति नहीं है। मैं इसके लिए लड़ा, इसके लिए लड़ा रहा हूं और इसके लिए लड़ता रहूंगा।
मैं दूसरी बात जो कहना चाहता हूं - यदि मेरे माननीय सहयोगी गृह सदस्य मुझे कहने की अनुमति दें तो-वह यह है कि उन्होंने सदन में जो वायदा किया था कि वे देखेंगे कि विभिन्न विभागों मेंं न केवल केवल संरक्षण आश्वस्त किया जाए बल्कि कमियों को दूर करने के लिए ठोस कार्रवाई भी की जाए और जिस समय नियुक्तियां की जाए तब समुचित पड़ताल की जाए। उसका श्रेय मुझे है क्योंकि मैंने ही उन्हें पत्र लिखा था कि स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए। मैं और कुछ नहीं कहना चाहता।
श्री अहमद ई.एच. जफरः श्रीमन्, मैं एक सूचना चाहता हूं। मैं जानना चाहता हूं कि जो आंकड़े अभी उन्होंने दिए हैं उनमें क्या पुर्नस्थापना की नियुक्तियां भी शामिल है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः जी, हां, यह श्रम सचिवालय का समेकित अनुभाग है।
श्री अहमद ई.एच. जफरः पुर्नस्थापना सहित।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मेरे पास बहुत से आंकड़े हैं। मैं कहता हूं वे इतने रोचक हैं कि यदि मेरे माननीय मित्र चाहें तो मैं उन्हें और अध्ययन के लिए देने को तैयार हूं।