भारतीय वित्त विधेयक
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दीवान चमन लालः यह बिल्कुल झूठ है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मेरे माननीय मित्र इस शब्द को वापस लें। मान्यवर, मैं अध्यक्ष से संरक्षण चाहता हूं।
दीवान चमन लालः मैं अपने मित्र को चुनौती देता हूं कि वह इस बात से इंकार करें कि वहां कोई उम्मीदवार उनकी पार्टी (संघ) ने खड़ा किया था।
अध्यक्ष महोदयः शांति, शांति जब एक माननीय सदस्य तथ्य रख रहा हो तो बहस में कटुता लाने से कोई लाभ नहीं। मुद्दा उठाया गया और जवाब मांगा गया और जो वह कह रहे हैं वह सही है या नहीं, पर सदन के किसी सदस्य को यह अधिकार नहीं कि वह कहे कि दूसरे सदस्य ने जो कहा है वह ‘झूठ’ है।
दीवान चमन लालः मैं इसे वापस लेता हूं श्रीमन्, परंतु इसके विकल्प में कहता हूं कि यह ‘तकनीकी अयथार्थ’ है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं मद्रास के एक निर्वाचन क्षेत्र आमलापुरम को लेता हूं। संघ के सदस्य को 10540 मत मिले और कांग्रेस को 2683 मिले। प्राथमिक चुनावों का यह परिणाम है और मैं कहता हूं कि यदि ईमानदारी से आप कोई मापदंड रखना चाहते हैं तो वह है प्राथमिक चुनाव। मैं विपक्ष के अपने माननीय सदस्यों को बताना चाहूता हूं कि उन्होंने इस चुनाव में जो किया क्या उसका कोई मूल्य है। इससे केवल मेरे मत की ही पुष्टि हुई है और प्रमाणित होता है कि चुनाव छलावा है और अनुसूचित जातियों के लिए अलग मतदान प्रणाली होनी चाहिए।
मेरे माननीय मित्र पंडित मालवीय ने एक और मुद्दा बनाने की चेष्टा की है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज अनुसूचित जातियों में रुचि ले रहा है और वे इन जातियों के नैतिक और भौतिक उत्थान के लिए काफी धन दे सकते हैं। श्रीमन्, मैं नहीं जानता.............
पंडित गोविंद मालवीयः श्रीमन्, मेरा व्यवस्था का प्रश्न है। क्या मैं आपसे जान सकता हूं कि क्या इस सदन का कोई सदस्य किसी सदस्य के बारे में गलत जानकारी देता रहे, उसके कथन को गलत तरीके से प्रस्तुत करता रहे और गलत बातें बोलता रहे, और क्या उसे इसका अवसर नहीं मिलेगा कि वह गलत कथन की और तकनीकी अयथार्थ की वास्तविकता बता सके? क्या मैं पूछ सकता हूं कि इस स्थिति से निपटने का क्या तरीका है?
अध्यक्ष महोदयः यह हवाई प्रश्न है और मैं नहीं समझता कि मुझे इसका उत्तर देना है। परंतु तथ्यों का विवरण देना एक बात है और कोई कथन दूसरी, और माननीय सदस्य कथन और तथ्यों का घालमेल न करें।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः श्रीमन्, मैं इस विषय पर बोल रहा था जो