330 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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ऽकलकत्ता के गवर्नमेंट आफ इंडिया प्रेस के
कर्मचारियों की हड़ताल
अध्यक्ष महोदयः मुझे श्री सत्यप्रिय बनर्जी से सूचना मिली है कि वह अविलंबनीय लोक महत्व के एक विषय पर चर्चा कराए जाने के लिए विधान सभा की कार्यवाही के स्थगन के इरादे से एक प्रस्ताव पेश करना चाहते हैं, जो इस प्रकार हैः
‘‘गवर्नमेंट आफ इंडिया प्रेस कलकत्ता, के कर्मचारियों द्वारा उनकी शिकातयों को दूर करने में सरकार की विफलता के कारण हड़ताल।’’
मैंने देखा है कि माननीय सदस्य ने दो-तीन दिन पहले इस विषय पर एक प्रश्न रखा था और एक अल्पकालिक प्रश्न के रूप में इसका उत्तर मांगा था। परंतु माननीय श्रम सदस्य ने उस अल्पकालिक प्रश्न को स्वीकार नहीं किया। इस मौजूदा सूचना में एक हड़ताल का जिक्र है, उस समय यह एक संभावित हड़ताल का प्रश्न था। क्या वहां कोई हड़ताल चल रही है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः (श्रम सदस्य)ः इस संबंध में मुझे कोई सूचना नहीं है।
श्री सत्यप्रिय बनर्जी (चटगांव और राजशाही डिवीजनः गैर-मुस्लिम देहात)ः मेरे पास पक्की सूचना है कि हड़ताल चल रही है और कल फ्री प्रेस जरनल’ ने भी यह समाचार छापा है।
अध्यक्ष महोदयः सूचना का स्रोत ‘फ्री प्रेस जरनल’ है?
श्री सत्यप्रिय बनर्जीः विपक्ष के नेता को एक तार भी मिला है।
अध्यक्ष महोदयः क्या माननीय सदस्य हड़ताल की स्थिति से परिचित हैं? क्या सारा प्रेस हड़ताल पर है?
ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय), खंड 5, संख्या 4, 4 अप्रैल, 1946, पृष्ठ 3522-24