62. कारखाना (संशोधन) विधेयक - Page 363

338 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

पहुंच सके, स्वस्थ्या श्वास ले सके और वहां जो भी सुविधाएं हैं उनका आनंद उठा सके और अपने आरंभ के समय का ऐसा सदुपयोग कर सके जो कानून के अंतर्गत उसे प्राप्त है। मेरे विचार से इन कारणों के फलस्वरूप यह संशोधन ठीक नहीं है और इसलिए मैं इसको स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हूं।

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ऽमाननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं नहीं समझता कि मुझे इस समय कुछ भी कहने की आवश्यकता है सिवाए इसके कि मैं सदन तथा प्रवर समिति के सदस्यों के प्रति अपना आभार व्यक्त करूं जिन्होंने इस विधेयक को पारित कराने में पूरा सहयोग दिया। जहां तक उन अनेक सुझावों का संबंध है जो ऐसे कई वक्ताओं ने प्रस्तुत किए जो इस विधेयक पर बोले, उन सभी के संबंध में मैं यह कहना चाहूंगा कि जो कोई भी सरकार अस्तित्व में आएगी, वह इन सुझावों पर ध्यान देगी। जैसा कि मेरे माननीय मित्र दीवान चमन लाल ने कहा, हम अब उस समय में नहीं रह रहे हैं जब फैक्टरी कमीशन ने रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। समय काफी आगे चला गया है। विश्व आगे बढ़ गया है और हमें भी अन्य आधुनिक देशों के समान उन नैतिक मानकों पर ध्यान देना है जिन पर हमारे औद्योगिक संबंध आधारित हैं। मुझे इस बारे में संदेह नहीं है कि माननीय सदस्यों ने जो कुछ कहा है, उनके सुझावों को कार्यान्वित किया जाएगा।

श्रीमन्, मैं सदन के प्रति आभार व्यक्त करता हूं कि सदन ने मेरे लिए सद्भावना व्यक्त की है।

सभापति महोदय, प्रश्न यह हैः

‘‘कि विधेयक को, संशोधित रूप में, पारित किया जाए।’’

प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केंद्रीय), खंड 5, संख्या 4, 4 अप्रैल, 1946, पृष्ठ 3540