अभ्रक खान श्रमिक कल्याण कोष विधेयक
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‘‘कि इस विधेयक के खंड 5 के उपखंड 3(क) में शब्द ‘कोष’ के
बाद तथा शब्द ‘और’ से पूर्व निम्नलिखित खंड जोड़ दिया जाएः
किन्तु प्रतिबंध यह है कि कोई भी अधिकारी किसी आवासीय घर में
सूर्यास्त तथा सूर्योदय के बीच के समय में प्रवेश करने हेतु सक्षम नहीं समझा
जाएगा और यदि ऐसे आवासीय घर में महिलाएं रहती हों तो घर मे रहने
वाले सदस्यों को उचित सूचना दिए बिना प्रवेश नहीं करेगा।’’ उप-सभापति महोदयः माननीय सदस्य ने संशोधन के लिए यह सूचना अभी दी है। इस संशोधन को सदस्यों में भी परिचालित नहीं किया गया है। माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः श्रीमन्, इस बारे में मेरी आपत्ति है। उप-सभापति महोदयः मुझे यह आशंका है कि यह संशोधन देर से प्राप्त हुआ है और इस व्यवस्था में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।
प्रोफेसर एन.जी.रंगा (गुंटूर-और-नेल्लोरः गैर-मुस्लिम ग्रामीण क्षेत्र)ः क्या आपको इसमें कोई आपत्ति है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं इसका कड़ा विरोध करता हूं। उप-सभापति महोदयः क्या माननीय सदस्य खंड 5 पर कुछ कहना चाहते हैं? पंडित मुकुट बिहारी लाल भार्गवः जी नहीं।
उप-सभापति महोदयः प्रश्न यह हैः
‘‘कि खंड 5 और 6 विधेयक के अंग बनें’’।
प्रस्ताव स्वीकृत हुआ।
खंड 5 और 6 विधेयक में जोड़ दिए गए।
खंड 1 विधेयक में जोड़े दिया गया।
शीर्षक और प्रस्तावना विधेयक में जोड़ दिए गए।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः श्रीमन्, मैं प्रस्ताव करता हूंः ‘‘कि विधेयक यथासंशेधित पारित किया जाए।’’
उप-सभापति महोदयः प्रस्ताव प्रस्तुत किया गयाः
‘‘कि विधेयक यथासंशोधित पारित किया जाए।’’