360 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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ऽविविध
अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्तियां
अनुसूचित जातियों की शैक्षिक और आर्थिक दशा सुधारने के उद्देश्य से भारत सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वर्ष 1946-47 में उन विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियां प्रदान की जाएं जो ब्रिटिश भारत में इन वर्गों के ऐसे विद्यार्थी हैं जिनकी इच्छा है कि वे मैट्रीकुलेशन की परीक्षा के बाद वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीय विषयों में अपना अध्ययन आगे बढ़ाना चाहते हैं। ये छात्रवृत्तियां केवल भारत में ही दी जाएंगी। इस वर्ष बोर्ड द्वारा कोई भी छात्रवृत्ति उन विद्यार्थियों को नहीं दी जाएगी जो विदेश मेंं अध्ययन करना चाहते हैं।
प्रदत्त छात्रवृत्ति की राशि में शिक्षा की कुल लागत सम्मिलित की जाएगी जिसमें ट्यूशन फीस और अन्य रखरखाव के व्यय सम्मिलित हैं। स्टेनोग्राफी और टाइपिंग के संबंध में प्रतिमास बीस रुपए के अल्पावधि वजीफे भी दिए जाएंगे।
जिन पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्तियां उपलब्ध हैं, वे इस प्रकार हैंः
(1) विज्ञान विषय के साथ इंटरमीडियेट_ (2) बी. एस. सी. (पास अथवा आनर्स)_ (3) एम.एस.सी._ (4) इंजीनियरिंग_ (5) टेक्नोलॉजी_ (6) चिकित्सा_ (7) कृषि_ (8) अध्यापक प्रशिक्षण_ और (9) स्टेनोग्राफी तथा टाइपिंग।
इंटरमीडियेट और ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में कला विषयों में अध्ययनरत छात्राओं को छात्रवृत्तियां दी जा सकेंगी किन्तु प्रतिबंध यह है कि उन्हें वचन पत्र प्रस्तुत करना होगा कि वे अपने अध्ययन के स्वीकृत पाठ्यक्रम के बाद अध्यापक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को पूरा करेंगी। यदि वे इस शर्त को पूरा नहीं करतीं तो उन्हें छात्रवृत्तियों की राशि वापस करनी होगी।
ऽ इंडियन इनफोर्मेशन, 15 मार्च, 1946, पृष्ठ 310