विविध
361
@ दामोदर घाटी परियोजना पर परामर्श देने के लिए टेनेंसी घाटी (टी.वी. ए.) प्राधिकरण के विशेषज्ञ
श्री रास. एम. रीगेल और श्री फ्रेड सी. श्लेम्मेर, टेनेंसी वेली ऑथेरिटी (टी.वी.ए.) के प्रमुख इंजीनियर भारत में इस मिशन के लिए आ गए हैं कि वे मैथोन, अलयार और पंचेट पर्वत श्रेणी परियोजनाओं के लिए केंद्रीय टेक्नीकल पॉवर बोर्ड द्वारा तैयार की गई योजनाओं के संबंध में परामर्श दे सकें। दामोदर परियोजना में ये प्रथम बांध स्थल है जिनके लिए डिजाइनों की रूपरेखा और ब्यौरेवार तखमीने इस समय तैयार किए जा रहे हैं। मैथोन परियोजना के लिए योजना तथा डिजायन का काम तुलनात्मक दृष्टि से आगे बढ़ चुका है। अन्य परियोजनाओं के संबंध में पर्याप्त रूप से स्थलाकृति तथा अन्य विवरण अभी भी तैयार किए जा रहे हैं।
चार रिपोर्टें
श्री रीगेल और और श्री श्लेम्मेर भारत में आठ सप्ताह से अधिक नहीं रुकेंगे क्योंकि उनकी सेवाएं वाशिंगटन स्थित स्टेट डिपार्टमेंट के अनुमोदन से टेनेंसी वेली ऑथारिटी द्वारा भारत सरकार को उपलब्ध कराई गई है। यह आशा की जाती है कि इस मिशन के साथ दो प्रमुख भारतीय इंजीनियर संबद्ध किए जाएंगे, परंतु ‘‘अधिक अन्न उपजाओं आंदोलन’’ के संबंध में सिंचाई परियोजनाओं को चलाने के लिए अथक प्रयत्नों में लगे रहने के कारण, वर्तमान परिस्थितियों में भारतीय इंजीनियरों को अभी तक मिशन में सम्मिलित होने में कठिनाई है। इस मिशन को चार रिपोर्टें तैयार करनी है। दो रिपोर्ट केंद्रीय टेक्नीकल पॉवर बोर्ड को प्रस्तुत की जानी हैं तथा इन रिपोर्टों में अपनाए जाने वाले डिजाइन के प्रारूप के लिए बोर्ड के प्रस्तावों की तार्किक जांच तथा बांध के स्थलों पर निर्माण का कार्यक्रम सम्मिलित किया जाता है। अन्य दो रिपोर्टें भारत सरकार को प्रस्तुत की जानी है तथा इनमें वे सिफारिशें होंगी जिनका संबंध विस्तृत काम चलाऊ डिजाइनों को तैयार करने की विधियों तथा निर्माण कार्य सम्पन्न करने से होगा।
ऽश्रमिकों के लिए कल्याण न्यास निधि
श्रम सदस्य माननीय डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 15 और 16 मार्च को आयोजित स्थायी श्रम समिति के आठवें सत्र में औद्योगिक श्रमिकों के लिए कल्याण न्यास कोषों के बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। एक प्रस्ताव यह था कि नियोक्ताओं को हुए लाभ के कुछ प्रतिशत के आधार पर इन कोषों को वित्तपोषित किया जाना चाहिए और एक ऐसी समिति द्वारा इसको प्रशासित किया
@ इंडियन इनफोर्मेशन, 1 अप्रैल, 1946, पृष्ठ 403
ऽ इंडियन इनफोर्मेशन, 15 अप्रैल, 1946, पृष्ठ 442