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364 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

इस समिति को अपने काम में पर्याप्त रूप से प्रांतीय तथा रियासतों की सरकारों, स्थानीय निकायों, पत्तन प्राधिकारियों और नियोक्ताओं तथा कार्यकर्त्ताओं के संगठनों की सहायता मिली।

निर्माण, खान और विद्युत विभाग

नव-निर्मित निर्माण, खान और विद्युत विभाग की स्थापना के बाद 8 अप्रैल को श्रम विभाग का डिवीजन अस्तित्व में आया।

निर्माण, खान और विद्युत विभाग के अंतर्गत इस प्रकार के विषय होंगे जैसे केंद्रीय लोक निर्माण विभाग एवं केंद्रीय निर्माण कार्य प्रोजेक्टर के कार्यों का निष्पादन, सिविल इंजीनियरी, खानें और खजिन पदार्थ, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, केंद्रीय जलमार्ग, सिंचाई और नौवहन आयोग, बिजली तथा स्टेशनरी और छपाई।

श्रम विभाग उन सभी विषयों से संबंधित रहेगा जिनका संबंध अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, श्रमिकों का कल्याण, श्रमिक संबंध और सुरक्षा कानून, श्रम कानून निर्माण तथा क्रियान्वयन, सुरक्षा के उपाय, पूर्व सैनिकों तथा महिलाओं का पुनर्वास, तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण योजनाएं, श्रम नियम तथा आंकड़ें शोध और जांच पड़ताल से है।

श्रम सदस्य डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के अधीन दोनों विभाग होंगे। कोयला उत्पादन अस्थायी रूप से उद्योग और आपूर्ति सदस्य के अधीन रहेगा।

माननीय श्री एच.सी. प्रायर निर्माण, खान और विद्युत विभाग के सचिव होंगे तथा श्री एस. लाल श्रम विभाग के सचिव होंगे।

ऽदामोदर परियोजना

भारत सरकार के श्रम सदस्य माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में 23 और 24 अप्रैल को नई दिल्ली में आयोजित केंद्र सरकार तथा बंगाल और बिहार सरकारों के प्रतिनिधियों के सम्मेलन में 55 करोड़ रुपए के दामोदर नदी परियोजना में पहले बांध (तिलैया पर) के शीघ्र ही निर्माण प्रारंभ करने की संभावना पर तुरंत जांच पड़ताल कराने की सिफारिश की गई।

इस बहु-उद्देशीय योजना का प्रयोजन दामोदर और उसकी सहायक नदियों की बाढ़ को नियंत्रित करना है और साथ ही इससे घाटी में रहने वाले लगभग 4,000,000 लोगों को लाभ के लिए सतत सिंचाई और बिजली तथा नौवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस पूर्ण योजना के अनुसार आठ बांधों तथा जलाशयों की एक श्रृंखला बनेगी। जब इनका निर्माण हो जाएगा, तब लगभग 800,000 एकड़ भूमि की सिंचाई

ऽ इंडियन इनफोर्मेशन, 1 जून, 1946, पृष्ठ 682