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विविध

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के लिए लगभग 4,700,000 एकड़ फीट जल उपलब्ध होगा और लगभग 350,000 किलोवॉट बिजली उत्पन्न होगी।

मैथोन बांध

केंद्रीय टेक्नीकल बिजली बोर्ड की रिपोर्टों पर विचार करने तथा टनेंसी वेली ऑथोरिटी के इंजीनियरों सर्वश्री रॉस रीगेल और फ्रेड सी-श्लेम्मेर तथा उनके सहयोगियों राय बहादुर ए.एन. खोसला और श्री एम. नरसिंहैया, चीफ इंजीनियर, मैसूर रियासत से परामर्श करने के बाद सम्मेलन इस बात से आश्वस्त हो गया कि कुल मिलाकर यथासंभव शीघ्रता के साथ इस योजना को आगे बढ़ाया जा सकता है। सम्मेलन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया कि एक बांध दामोदर की सहायक नदी बराबर के आर-पार तिलैया में (कोडर्मा के समीप) बनाया जाए और दूसरा मैथोन में मुख्य नदी के संगम पर।

फिर भी, सम्मेलन में यह महसूस कि गया किया बृहद मैथोन बांध के निर्माण को प्रारंभ करने के लिए निर्माण कार्य अक्तूबर, 1947 तक स्थगित कर दिया जाए क्योंकि बिहार और बंगाल दोनों की सरकारों क लिए यह संभव नहीं था कि वे पर्याप्त समय में निश्चित वचन दे सकें ताकि इंजीनियरों और ठेकेदारों के बीच करार किया जा सके। परंतु यदि बांध का कार्य अक्तूबर 1946 तक प्रारंभ करना है तो ये उपरोक्त काम शीघ्र पूरे किए जाने चाहिए क्योंकि यही एक अन्य विकल्प है। किन्तु इस स्थगन से ऐसा समय मिलेगा कि मैथोन बांध की ऊंचाई बढ़ाने के प्रस्ताव पर ब्यौरेवार ढंग से विचार किया जा सके जिसके परिणामस्वरूप बराकर क्षेत्र में दूसरे जलाशय के निर्माण की आवश्यकता नहीं रहेगी।

तिलैया बांध के संबंध में यह महसूस किया गया कि इस कार्य को प्रारंभ करने में कुछ कठिनाइयां थीं। इसके शीघ्र निर्माण से सिंचाई के लिए न केवल जल उपलब्ध होगा और पुनर्वास की समस्याओं का समाधान होगा, अपितु विद्युत उत्पादन होगा जो मैथोन बांध के निर्माण में उपयोगी होगी। इसलिए सम्मेलन ने अन्य परियोजनाओं से पूर्व तिलैया बांध पर निर्माण कार्य के प्रारंभ करने की संभावना की शीघ्र जांच पड़ताल करने की सलाह दी।

बंगाल और बिहार की सरकारों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी सरकारें स्वयं यह योजना कार्यान्वित करने में समर्थ नहीं हैं और यह सुझाव दिया कि यह योजना को प्रशासित करने के लिए किसी प्राधिकारी की नियुक्ति की जाए। भारत सरकार ने कहा कि उड़ीसा के राज्यपाल के पूर्व सलाहकार श्री बी.के. गोखले के नियुक्ति कर लिया जाए जो प्रशासकीय पक्षों का निरीक्षण करें तथा दामोदर घाटी प्राधिकरण के लिए छह महीने के भीतर योजना तैयार करें।