3. भारत की स्थिति - Page 43

18 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

है कि यदि भारतीय ऐसी सरकार चाहते हैं जो प्रजातांत्रिक हो, जिसमें निरंकुशता के लिए स्थान न हो और जो विधि द्वारा न कि मात्र तथा प्रथा द्वारा प्रशासन के प्रभारी व्यक्तियों पर सामूहिक दायित्व सौंपती हो। इसलिए सदन से मेरा अनुरोध है कि आप इस सरकार से बेहतर सरकार नहीं बना सकते। मैं जानता हूं कि इस सरकार के विरुद्ध कहा गया है कि इस सबके बावजूद यह सरकार वाइसराय और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट के वीटो के अधीन है ................

श्री जमनादास एम. मेहता ः केवल वीटो के नहीं - आदेशों के।

माननीय श्री बी. आर. अम्बेडकरः मैं इसे वीटो कहता हूं। आप इसे आदेश कह सकते हैं। मैं इसके लिए संवैधानिक शब्दावली का प्रयोग करूंगा क्योंकि मैं संविधान का अध्येता हूं। ........

एक मानवीय सदस्यः यह तो वाइट हाल के शासकों की प्रतिध्वनि है।

माननीय श्री बी. आर. अम्बेडकरः मैंने बताया कि इस सरकार स्वतंत्र सरकार नहीं है_ यह ऐसी सरकार है जो वाइसराय और सेक्रेटरी आफ स्टेट के वीटो के अधीन है। जहां तक वाइसराय के वीटो का संबंध है, मैं यह बताना चाहता हूं कि यह वीटो भारत की सुरक्षा और अखंडता से संबंधित मामलों तक ही सीमित है। यह वीटो देश के दिन-प्रतिदिन के प्रशासनिक कार्यों पर लागू नहीं है ........

सरदार संत सिंहः क्यों मैं एक प्रश्न पूछ सकता हूं?

माननीय श्री बी. आर. अम्बेडकरः आप अभी कोई प्रश्न न पूछें, मेरे पास बहुत कम समय है, मैं बहस के लिए यह मान लेता हूं कि वीटो है। मैंने अनेक संविधान पढ़े हैं वीटो से डरने की कोई बात नहीं है।

सरदार संत सिंहः मैं वैधानिक प्रश्न पूछना चाहता हूं।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः आप बाद में पूछ लें, अभी मेरे पास वक्तव्य के लिए समय नहीं है।

मैं पूरी तरह स्वीकार करता हूं कि वीटो की व्यवस्था है और वीटो विद्यमान है। माननीय सदस्य जो वीटो से इतने चिंतित हैं उनसे मेरा यह कहना है कि वीटो का क्या महत्व है, इस बात को समझें? वीटो का क्या अर्थ है? मैं बिल्कुल स्पष्ट करना चाहता हूं चूंकि मैं देख रहा हूं कि अनेक विद्वान सदस्यों के मन में दुविधा है, और वे संवैधानिक प्रश्न पूछना चाहते हैं। किसी निरंकुश सरकार में और उत्तरदायी सरकार में क्या अंतर है? हिटलर के अधीन वाले जर्मनी में और ग्रेट ब्रिटेन की सरकार में