3. भारत की स्थिति - Page 44

भारत की स्थिति

क्या अंतर है? इसका सीधा सा उत्तर है.............(व्यवधान)।

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माननीय अध्यक्ष (सर अब्दुर रहीम)ः शांति, शांति, माननीय सदस्यों को इस प्रकार व्यवधान नहीं डालना चाहिए।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः इसका उत्तर बहुत सीधा है और मैं इसे बहुत स्पष्ट रूप में रखना चाहता हूं - एक निरंकुश सरकार और उत्तरदायी सरकार के बीच का अंतर - मैं पुनः जोर देकर कहता हूं - इस तथ्य में निहित है कि निरंकुशता में वीटो के लिए कोई स्थान नहीं है, किन्तु उत्तरदायी सरकार में वीटो है। इसके लिए इस बाबत सीधे तथ्य हैं। उन सभी लोगों को जो संविधान को समझना चाहते हैं और जो संविधान बनाना चाहते हैं इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए।

महोदय, एकमात्र प्रश्न या विवाद जो उत्पन्न हो सकता है - मैं उस विवाद को पूरी तरह समझ सकता हूं - वह यह है कि वीटो किसके पास रहे? सेक्रेटरी आफ स्टेट के पास, वाइसराय के पास या किसी अन्य स्थान पर या किसी अन्य संगठन के पास? यही एकमात्र विवाद का प्रश्न बन सकता है। जहां तक वीटो के विद्यमान होने का संबंध है, मैं समझता हूं कि जिन्हें उत्तरदायित्व में विश्वास है और जो लोकतंत्र की सरकार में विश्वास रखते हैं, उनके बीच कोई झगड़ा नहीं हो सकता। इसलिए जो प्रश्न उठता है वह यह हैः यदि हम सेक्रेटरी आफ स्टेट को वीटो का अधिकार नहीं देते, तो हम इसे किसे दें? मुझे ऐसा लगता है कि यदि सेक्रेटरी आफ स्टेट से आप वीटों को हटाना चाहते हैं तो एकमात्र स्थान जहां इसे ठीक ढंग से स्थापित किया जा सकता है वह विधानमंडल है। वीटो के लिए कोई अन्य स्थान नहीं है।

सर सैय्यद रजा अलीः (संयुक्त प्रांत के नगर-मुस्लिम-शहरी)ः मुझे प्रसन्नता है कि हमारे माननीय मित्र ने अंत में विधानमंडल की बात सोची।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः इसलिए प्रश्न यही है, और मैं समझता हूं कि यह एक सरल प्रश्न है। क्या हम वीटो विधानमंडल को हस्तांतरित कर सकते हैं जिस रूप में आज यह है? (पं. लक्ष्मीकांत मंत्रा द्वारा व्यवधान) मैं आपको संवैधानिक विधि नहीं सिखा सकता। इसके लिए मुझे कक्षा आरंभ करनी पड़ेगी। मैंने पिछले पांच वर्ष तक विधि महाविद्यालय में संवैधानिक विधि पढ़ाया है। मैं समझता हूं कि प्रश्न यह है कि क्या हम वीटो विधानमंडल को हस्तांतरित कर सकते हैं? इस प्रश्न पर हम वर्तमान विधानमंडल को नजर में रखते हुए विचार करेंगे क्योंकि मांग यही है कि ब्रिटिश सरकार तत्काल अलग हो जाए। प्रश्न यह है कि क्या यह विधानमंडल वीटो सौंपे जाने के लिए उचित पात्र है?

विधानमंडल का गठन क्या है, इसका स्वरूप क्या है? मान्यवर, मैं कोई बात इस सदन की मर्यादा को कम करने के लिए नहीं कह रहा, किन्तु यह सच है कि