4. भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग की उपयोगिता शाखा की सलाहकार समिति के लिए एक सदस्य का निर्वाचन - Page 48

भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग की उपयोगिता शाखा की सलाहकार समिति

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माननीय अध्यक्षः (सर अब्दुर रहीम)ः संशोधन प्रस्तुत हुआः

‘‘कि प्रस्ताव में, ‘एक प्रतिनिध’ शब्दों के स्थान पर ‘तीन प्रतिनिधि’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएं।’’

माननीय डॅा. बी. आर. अम्बेडकर ः महोदय, प्रस्ताव और संशोधनों से दो प्रश्न उठते हैं। पिछले बार जब मैंने प्रस्ताव रखा था, उस समय मेरे माननीय मित्र श्री नियोगी ने भारतीय भू-सर्वेक्षण की उपयोगिता शाखा के गठन के संबंध में कुछ जानकारी सदन के समक्ष रखे जाने के लिए कहा था। सदन को याद होगा कि अगले ही दिन श्री नियोगी ने उस विषय की बाबत एक प्रश्न की सूचना दी। उत्तर के दौरान मैंने उपयोगिता शाखा के बारे में जानकारी दी थी और मैं नहीं जानता कि माननीय सदस्य तथा अन्य सदस्यगण इस शाखा के बारे में और अधिक जानकारी चाहते हैं या नहीं।

परंतु कुछ जानकारी मैं सदन को उस समय इसलिए नहीं दे पाया था कि मुख्य प्रश्न के उत्तर के रूप में इसे नहीं प्रस्तुत किया जा सका क्योंकि जो प्रश्न उस दिन पूछा गया था वह अलग तरह का था। मैं सदन को अब कुछ जानकारी देना चाहता हूं जो उस दिन नहीं दे पाया था।

पहली बात जो मैं जानकारी की दृष्टि से बताना चाहता हूं वह है उपयोगिता शाखा का काम जो मैं उस दिन नहीं बता पाया था। मैं सदन को बताना चाहता हूं कि उपयोगिता शाखा के गठन के अनुसार, इसके तीन मुख्य काम होंंगेः प्रथम यह कि खनिज भंडार को खोजने के लिए उसे आवश्यक सर्वेक्षण करना होगा_ दूसरे, जहां आवश्यक हो यह आरंभिक कार्य आरंभ करेगा, और तीसरे, यह कच्चे लोहे की सफाई और पिघलने तथा उत्पादन की अन्य समस्याओं की बाबत प्रयोगात्मक कार्य करेगा जिससे भारत के खनिजों की उपयोगिता की समस्याएं सुलझाई जा सकें। उपयोगिता शाखा के यही कार्य हैं।

इसके बाद, उपयोगिता शाखा के कार्यक्रम के संबंध में मुझे सदन को यह बताना है कि इस समय यह छह शीर्षों में आता है - 1. उदयपुर राज्य के मेवाड़ में जावार की सीसा और जस्ता की खानों को दोबारा चालू करना, 2. राजपूताना की अभ्रक की खानों का विकास करना, 3. बलूचिस्तान में सल्फर की खानों में काम कराना, 4. बंगाल और मध्य प्रांत में बोलफ्राम की खुदाई, 5. बिहार में कुछ भंडारों का परीक्षण और 6. कुछ खनिजों, लवणों और पत्थरों तथा अन्य संबद्ध पदार्थों की खोज।

तीसरा प्रश्न जिसके बारे में मेरे मित्र श्री नियोगी जानकारी चाहते थे वह यह है कि उपयोगिता शाखा और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक बोर्ड के बीच क्या संबंध है। मान्यवर, अब स्थिति इस प्रकार है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान बोर्ड तीन क्षेत्रों