4. भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग की उपयोगिता शाखा की सलाहकार समिति के लिए एक सदस्य का निर्वाचन - Page 50

भारतीय भू-सर्वेक्षण विभाग की उपयोगिता शाखा की सलाहकार समिति

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कार्य में इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जाता था। परिणामस्वरूप, बजाए यह कहने के कि हमने यह शाखा बर्मा विस्थापितों को रोजगार देने के लिए खोली है, मैं समझता हूं कि यह कहना ठीक होगा कि हम विस्थापितों का लाभ उठाने में सक्षम थे और यह परियोजना चलाने की हमारी क्षमता थी जो भारत के लिए केवल युद्धकालिक प्रयास नहीं है बल्कि भारत के भविष्य के लिए एक बड़ा वरदान है।

मान्यवर, संशोधन के प्रश्न पर विचार करते हुए मैं कहना चाहता हूं कि यह बड़ी प्रसन्नता की बात है कि ये संशोधन लाए गए हैं। अब मैं कह सकता हूं कि उपयोगिता शाखा का जो विवरण मैंने दिया है वह इतना समाधानपरक है कि जो लोग भर्त्सना के लिए आए थे वे भी इसकी प्रशंसा कर रहे हैं।

किन्तु यह मंदिर बहुत छोटा है और यद्यपि श्रद्धालुओं का स्वागत करता है फिर भी इस छोटे से मंदिर में मैं नहीं चाहता कि इतनी भीड़ हो जाए कि सांस लेने की भी जगह न बचे। मुझे खेद है कि मैं इन संशोधनों को स्वीकार नहीं कर सकता।

सर सैय्यद रजा अली (संयुक्त प्रांत के नगरः मुस्लिम शहरी)ः क्या आप मंदिर में प्रवेश करने से भी उन्हें रोक देंगे?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मुझे खेद है कि मैं इन संशोधनों का विरोध करता हूं। मैं सदन को वह यथार्थ कारण बताना चाहता हूं जिससे यह नीति बनानी पड़ी। मैं उन माननीय सदस्यों को जिन्होंने संशोधन रखे हैं यह बताना चाहता हूं कि यह समिति कार्यकारिणी समिति नहीं है। यह समिति निर्णय भी नहीं ले सकती, इसलिए इस समिति द्वारा किया गया कोई कार्य इस सदन को किसी रूप में वचनबद्ध नहीं कर सकता। यह केवल सलाहकार समिति है। दूसरा कारण जिसमें अधिक बल है वह समिति के उद्देश्य का एक अंग है। समिति का उद्देश्य है कि व्यवसाय और उपयोगिता के प्रतिनिधियों के बीच जो विशेषज्ञ है उन्हें परस्पर निकट लाना। यही समिति का आरंभिक उद्देश्य है। अब मैं माननीय सदस्यों का ध्यान इस विशिष्ट समिति के गठन की ओर आकर्षित करता हूं जिससे मुख्य उद्देश्य पूरा हो सके। मान्यवर, योजना के अनुसार, इस समिति में 16 सदस्य हैं। सदन को ज्ञात होगा कि समिति में 5 विशेषज्ञ रखे गए हैं और उनके साथ व्यवसाय तथा उद्योग तंत्र के 5 प्रतिनिधि रखे गए हैं। सर्वप्रथम, भू-सर्वेक्षण विभाग के निदेशक, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान के निदेशक, एक प्रतिनिधि खनन एवं धातु संस्थान से, एक प्रतिनिधि भारतीय खनन संस्थान से तथा भारतीय खनन महासंघ से भी एक प्रतिनिधि। इनसे मिलकर बनी है यह समिति जो विशेषज्ञों का निकाय है। इसमें से व्यवसाय और उद्योग के प्रतिनिधि के रूप में दो स्थान इंडियन चेम्बर आफ कॉमर्स के परिसंघ को दिए गए हैं। हमने इस्पात उद्योग को दो स्थान दिए हैं। हमने सचिव, वाणिज्य विभाग, को भी प्रतिनिधि