5. भारतीय-श्रमिक युद्ध जीतने के लिए क्यों दृढ़ संकल्प हैं - Page 52

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ऽभारतीय-श्रमिक युद्ध जीतने के लिए

क्यों दृढ़ संकल्प हैं

आकाशवाणी के मुंबई केंद्र से डॉ. अम्बेडकर का भाषण

‘‘श्रमिकों को यह बात ज्ञात है कि यदि यह युद्ध ‘नई नाजी’ व्यवस्था के विरुद्ध है तो यह पुरानी व्यवस्था के पक्ष में नहीं है। यह पुरानी व्यवस्था और नाजी व्यवस्था दोनों के विरुद्ध है। श्रमिक इस बात से अवगत हैं कि इस युद्ध की क्षतिपूर्ति तभी होगी जब ऐसी नई व्यवस्था स्थापित की जाए जिसमें स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा केवल मात्र सैद्धांतिक रूप में न रहे, बल्कि जीवन की सच्चाई बन जाएं।’’ यह बात भारत सरकार के श्रम सदस्य डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने आकाशवाणी के मुंबई केंद्र से भारतीय श्रमिक युद्ध जीतने के लिए क्यों दृढ़-संकल्प है, विषय पर बोलते हुए कही।

नीचे डॉ. अम्बेडकर के भाषण का पूरा पाठ प्रस्तुत हैः

यहां उन लोगों द्वारा वार्ता की एक श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी जो श्रमिकों से जुड़े हैं और उनमें रुचि रखते हैं। इस श्रृंखला में आज रात यह मेरी प्रथम वार्ता है। मेरी वार्ता का विषय सामान्य प्रकृति का है। यह इस श्रृंखला की भूमिका होगी। मैंने विषय का शीर्षक रखा है ‘‘भारतीय श्रमिक युद्ध जीतने के लिए क्यों दृढ़ संकल्प हैं।’’ यह एक ऐसा तथ्य है जिसकी ओर सभी का ध्यान जाना चाहिए। इसका संबंध युद्ध के प्रति भारतीय श्रमिकों के लगाव में है। भारत में युद्ध के प्रति अचानक उत्पन्न हुई असहयोग और विरोध की भावना हम देख रहे हैं। इसके बावजूद श्रमिक सक्रिय रूप से युद्ध प्रयासों को अंजाम देने में लगा हुआ है। इस बारे में कोई शंका नहीं की जा सकती। इसके बावजूद श्रमिकों को उनके कार्यों से विमुख करने के अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। परंतु श्रमिकों ने अपना काम पूरा किया है और करते रहने के लिए दृढ़ संकल्प हैं।

ऽ इंडियन इनफार्मेशन, जनवरी 1, 1943, पृष्ठ 16-19