5. भारतीय-श्रमिक युद्ध जीतने के लिए क्यों दृढ़ संकल्प हैं - Page 53

28 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

श्रमिक क्या चाहते हैं

युद्ध के दौरान श्रमिकों को बहुत सी उपलब्धियां मिली हैं और इसमें कोई शक नहीं कि वे कई और उपलब्धियां सुनिश्चित कर लेंगे। जैसा कि मैंने अभी हाल ही में संकेत किया था, श्रमिकों को विधान द्वारा कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है। अब उन्हें सुरक्षा - देखभाल और उपचार की सुविधाएं भी प्राप्त हो गई हैं जिन्हें केंद्रीय सरकार ने उनके कल्याण के लिए नियोजकों पर लागू किया है। किन्तु यदि श्रमिक अपने युद्ध प्रयत्नों को पूरी शक्ति से संपन्न करना चाहता है तो उसका यह कारण नहीं है कि वह तत्काल लाभ के लालच में ऐसा कर रहा है। इसके लिए अन्य और ठोस कारण हैं जो इस इच्छा शक्ति के मूल में हैं। श्रमिक मात्र यहीं नहीं चाहता कि काम करने का ठीक वातावरण प्राप्त हो। श्रमिक चाहता है कि जीवन की स्थिति बेहतर हो। मैं इसे स्पष्ट करता हूं कि जीवन की बेहतर स्थितियों से क्या तात्पर्य है।

स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा

श्रमिक को स्वतंत्रता चाहिए। कदाचित यह कोई नई बात नहीं है। इसमें नयापन है श्रमिक की दृष्टि में स्वतंत्रता का आशय। श्रमिक के विचार से स्वतंत्रता का अर्थ बंधन हटाने का नकारात्मक अर्थ नहीं है। और न ही श्रमिक की दृष्टि से स्वतंत्रता का अर्थ जनता को मतदान की स्वतंत्रता देने से है। श्रमिकों का स्वतंत्रता का विचार बहुत सकारात्मक है। इसमें जनता की सरकार की भावना निहित है। श्रमिक की राय में इसका अभिप्रायः संसदीय गणतंत्र से नहीं है।

संसदीय गणतंत्र ऐसी शासन प्रणाली है जिसमें जनता अपने मालिकों का चयन करती है ओर उन्हें शासन का अधिकार दे देती है। श्रमिकों का स्वतंत्रता का अभिप्रायः महज प्रतिबंधों का न होना नहीं है। न ही इसका अर्थ उनके लिए मात्र वोट देने का अधिकार है। श्रमिक ऐसी सरकार चाहता है जो नाम से और काम से भी जनता की सरकार हो। दूसरे श्रमिक जो स्वतंत्रता चाहता है उसमें समान अवसर का अधिकार भी शामिल है और जिसमें राज्य का यह कर्तव्य होगा कि वह प्रत्येक व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ने की पूरी सुविधा प्रदान करें।

श्रमिक समानता चाहता है। समानता से श्रमिक का अभिप्राय सिविल सेवा, सेना, कराधान, व्यवसाय और उद्योग में हर प्रकार के विशेषाधिकार समाप्त करना - वस्तुतः ऐसी समस्त प्रक्रियाओं को समाप्त करना जिससे असमानता उत्पन्न होती हो।

श्रमिक भाईचारा चाहता है। भाईचारे से उसका अर्थ है भाईचारे के सभी मानव उद्देश्य जो सभी श्रमिकों को और राष्ट्रों को ‘पृथ्वी पर मनुष्य मात्र के प्रति शांति और सद्भावना के लक्ष्य की ओर ले जाते हों।