6. कागज नियंत्राण आदेश - Page 62

कागज नियंत्रण आदेश

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कागज मिलों से प्रथम छह महीनों में केवल 9000 टन कागज ही मिला था और अभी छह महीने और काम चलना था। परिणामस्वरूप, सरकार को यह कदम उठाना पड़ा। सरकार ने अपने प्राक्कलन का पिछले छह महीने की परिस्थितियों के प्रकाश में पुनरीक्षण किया। दूसरा काम सरकार ने यह किया कि कागज की मांग की पद्धति को समेकित कर दिया, और यहां मैं सदन को बताना चाहूंगा कि आदेश पारित होने से पूर्व दो पद्धतियों के जरिए सरकार की ओर से मांग रखी जाती थी। एक तरीका था केंद्रीय लेखन-सामग्री कार्यालय की मांग, जो केंद्रीय सरकार की ओर से की गई मांग होती थी और साथ ही बंगाल, उड़ीसा असम तथा उत्तर-पश्चिमी सीमांत प्रदेश एवं मध्य प्रांत की मांग होती थी दूसरी थी केंद्रीय लेखन सामग्री कार्यालय की मांग से भिन्न मांग जिसे तकनीकी रूप से केंद्रीय लेखन सामग्री कार्यालय के अधीन न आने वाले प्रांतों की मांग कहा जा सकता था अर्थात वे प्रांत जो स्वतंत्र रूप से मांग रखते थे और इनके अतिरिक्त मांग रखने वाले थे भारतीय राज्य, सिक्यूरिटी प्रिंटर्स, आपूर्ति विभाग और राज्येतर-रेल विभाग। यह पाया गया कि इस तरह कागज की मांग को दोहरी पद्धति से यह निष्कर्ष निकालना कठिन हो गया था कि वस्तुतः कितनी कागज की मांग है। परिणामस्वरूप, पहला कदम यह उठाया कि दोनों मांगों को एकीकृत कर दिया गया और अब संपूर्ण विषय केंद्रीय लेखन सामग्री कार्यालय के हाथ में आ गया है।

जैसा कि मैं सदन को पहले बता चुका हूं, जब यह देखा गया है कि कागज के अत्यधिक प्रयोग के कारण, विशेष रूप से संविदा की गई मात्रा से अधिक खपत से, स्थिति गंभीर हो गई है तब हमने अपने प्राक्कलन की पुनरीक्षा की और मांग का केंद्रीकरण कर दिया और अक्तूबर के अंत में जो गणना की गई उससे निम्नलिखित आंकड़े सामने आए -

अगली छमाही, अर्थात अक्तूबर से मार्च 1943, के लिए टन

निर्धारित केंद्रीय लेखन सामग्री कार्यालय की मांग 32,000

गैर-केंद्रीय लेखन सामग्री कार्यालय की निर्धारित मांग 9,500

दोनों का जोड़ 41,500

उस वर्ष के दौरान मिलों का जो उत्पादन हुआ उसके आधार पर यह गणना की गई कि मिलें अक्तूबर और मार्च के दौरान 47,575 टन कागज का उत्पादन करेंगी। यह पता चला कि 41,000 टन की सरकारी मांग मिलों क छह मास के उत्पादन का 87 प्रतिशत है। मोटे तौर पर वह 90 प्रतिशत है और यही कारण है कि आदेश में 90 प्रतिशत अंक रखा गया है। अब सदन यह समझ सकेगा कि नवम्बर में यह