6. कागज नियंत्राण आदेश - Page 63

38 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

आदेश जारी करना क्यों आवश्यक हो गया। अब मैं सदन को बताना चाहता हूं कि सरकार ने कागज का उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या कदम उठाए हैं

सदन यह महसूस करेगा कि सरकार के लिए यह संभव नहीं है कि वह कागज के उत्पादन में वृद्धि के लिए मिलों की और मशीनों का आयात करने में सहायता करे। नौवहन में जो समस्याएं हैं उन्हें सभी जानते हैं। इस संबंध में कुछ भी करना सरकार की शक्ति के बाहर है। परिणामस्वरूप, हमें ही पता लगाना है कि हम अपने उपलब्ध साधनों से कागज का कितना उत्पादन बढ़ा सकते हैं_ और मैं सदन का ध्यान तीन बातों की ओर आकर्षित करना चाहता हूं जो सरकार ने की हैं जिनका उल्लेख उत्पादन बढ़ाने के लिए किए गए उत्पादों के रूप में किया जा सकता है। सरकार ने एक कागज उत्पादन अधिकारी नियुक्त किया है जिसका कर्तव्य यह पता लगाना है कि किन उपायों व साधनों से कागज का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है..........

एक माननीय सदस्यः यह कौन महाशय हैं?

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः श्री भार्गव। दूसरे सरकार ने बढि़या किस्मों के अनावश्यक कागज में कटौती कर दी है ओर सरकारी आवश्यकता को कुछ मानक गुणवत्ता वाले कागज तक सीमित कर दिया है। तीसरे, सरकार प्रत्येक कारखाने से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कौन सी मिल अपनी मशीनों और संयंत्रों के माध्यम से किस प्रकार के कागज का बड़ी मात्रा में उत्पादन कर सकती है। इस समय यह अनुमान लगाया गया है कि उत्पादन बढ़ाने के लिए किए गए उपायों के परिणामस्वरूप कुल बढ़ोतरी 12,000 टन होगी।

स्थिति को संभालने के लिए अगला कदम जो सरकार ने उठाया है वह है विभिन्न विभागों द्वारा रखी गई कागज की मांगों में कटौती। यह कटौतियां इस प्रकार हैं - प्रांतों और राज्यों की मांग में 10 प्रतिशत की कमी की गई है जिसमें 950 टन की बचत होगी। दूसरे, जहां तक केंद्रीय सरकार का प्रश्न है, विभिन्न विभागों द्वारा खर्च किए जाने वाले कागज के बजट का पुनरीक्षण करके उसमें पर्याप्त कटौती की गई है। इस पुनरीक्षण में सरकार ने क्या किया इसे स्पष्ट करते हुए मैं सदन के समक्ष निम्न आंकड़े रखूंगा। सिविल विभागों का छह मास के लिए मूल प्राक्कलन 11,400 टन था जिसमें कटौती करके इसे 4,600 टन कर दिया गया। रक्षा विभाग का मूल प्राक्कलन 15,000 टन था जिसे कम करके 10,000 टन कर दिया गया। ईस्टर्न ग्रुप सप्लाई कौंसिल का मूल प्राक्क्लन 9,400 टन था_ इसमें कटौती करके 7,900 टन कर दिया गया। आपूर्ति विभाग की 3,100 टन की आवश्यकता को बढ़ाकर 4,500 टन किया गया - यह वाणिज्यिक कागज है जो उद्योगों में प्रयोग किया जाता है जैसा कि सदन देखेगा। ऊपर निर्दिष्ट विभागों की मूल प्राक्कलित आवश्यकता 39,100 टन थी जब कि पुनरीक्षित प्राक्कलन 27,600 टन का हुआ। सदन को यह जानकर