8. भारतीय वित्त विधेयक - Page 69

44 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

जिसकी चिंता हमें नहीं है। जैसा मैंने कहा कमी तो है ही, फिर भी मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि गंभीर रूप से चिंतित होने जैसी स्थिति नहीं है।

इसके आगे चलें तो सदन को स्मरण होगा कि सर फ्रेड्रिक जेम्स ने भारत सरकार के विरुद्ध अपव्ययी होने के आरोप को पुष्ट करने के लिए दो उदाहरणें को आधार बनाया था। पिछली बार जब इस विषय पर विवाद चल रहा था तो सर फ्रेड्रिक जेम्स ने एक किराया बिल पेश किया जो वेस्टर्न कोर्ट से उस भवन का उपयोग करने वाले किराएदारों को जारी किया गया था। उनका कहना था कि किराएदारों को पेश किया गया बिल ऐसा विशाल दस्तावेज था जिसमें ऐसे ब्यौरे दिए गए थे जो संभवतः अनावश्यक थे और किसी भी सूरत में युद्ध की अवधि के दौरान इनमें कटौती की जानी चाहिए थी। इस बार वह कलकत्ता गजट की फटी पुरानी प्रति ले आए हैं और यह इंगित किया है कि इसमें ऐसी कुछ जानकारियां दी गई हैं जिन्हें युद्ध की अवधि के दौरान छोड़ा जा सकता था।

सर फ्रेड्रिक जेम्स (मद्रास यूरोपीय)ः क्या मैं एक क्षण के लिए अपने माननीय मित्र को बीच में टोक सकता हूं? कलकत्ता गजट का जो अंक मैंने दिखाया था वह कलकत्ता से ठीक उसी दिन प्राप्त हुआ था और मेरा अंदाज है कि उसकी तारीख इस वर्ष की फरवरी थी।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं अपने माननीय मित्र का अनुग्रहीत हूं। महोदय, जो मैं कहना चाहता हूं वह इस प्रकार है। यदि सर फ्रेड्रिक जेम्स एक वकील होते तो निश्चय ही उन मुद्दों के लिए जिन पर वह जोर देना चाहते हैं, उदाहरणस्वरूप इन दो मामलों को प्रस्तुत नहीं करते। किराया बिल के संबंध में स्पष्टतः सर फ्रेड्रिक जेम्स वह तारीख देखना भूल गए जिस तारीख को इसका मुद्रण हुआ था। वह बिल 1938 में मुद्रित हुआ था और भारत सरकार की इस बिल का उपयोग करने के लिए निंदा करने के बजाय, मैं समझता हूं, उसे बधाई दी जानी चाहिए कि पुराने बिलों को नष्ट करने की अपेक्षा भारत सरकार ने बिल में अपेक्षित परिवर्तनों को किनारे करते हुए सरकार के भंडार में विद्यमान बिल का उपयोग किया और कागज को सुरक्षित रखने की दृष्टि से पुराने स्टाक का उपयोग करने पर जोर दिया।

सर फ्रेड्रिक जेम्सः उन्हें नष्ट कर दीजिए।

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः महोदय, गजट के प्रश्न के संबंध में मेरी समझ से सर फ्रेड्रिक जेम्स द्वारा एक चूक हुई है कि गजट के महत्व को वह नहीं ऑक सके हैं। गजट मात्र ऐसी वस्तु नहीं है जिसमें उपयोगी सूचनाएं रहती हों, ऐसी सूचनाएं जो सरकार के लिए उपयोगी हों किन्तु प्रत्येक वकील इस बात से वाकिफ है कि गजट ही ऐसा दस्तावेज है जिसके माध्यम से किसी न्यायालय में कुछ मामलों में सबूत पेश किए जा सकते हैं, जो सिवाय गजट प्रस्तुत करने के अन्यथा नहीं