9. श्रम विभाग की स्थायी समिति के लिए सदस्यों का निर्वाचन - Page 74

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ऽश्रम विभाग की स्थायी समिति के लिए

सदस्यों का निर्वाचन

माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर (श्रम सदस्य)ः श्रीमान्, मैं प्रस्ताव करता हूंः

‘‘कि यह सभा ऐसी रीति से जो माननीय अध्यक्ष निर्दिष्ट करें, स्थायी समिति में

कार्य करने के लिए तीन गैर-सरकारी सदस्य निर्वाचित करें जो उन विषयों पर

जिनसे श्रम विभाग संबंधित है, सलाह दें।’’

अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम)ः प्रस्ताव प्रस्तुत हुआः

‘‘कि यह सभा ऐसी रीति से जो माननीय अध्यक्ष निर्दिष्ट करें, स्थायी समिति में

कार्य करने के लिए तीन गैर-सरकारी सदस्य निर्वाचित करें जो उन विषयों पर

जिनसे श्रम विभाग संबंधित है, सलाह दें।’’

डॉ. पी. एन. बनर्जी (कलकत्ता उपनगरः गैर मुस्लिम शहरी)ः महोदय, विभिन्न विभागों से संलग्न अनेक स्थायी समितियां हैं, किन्तु इस सदन की कोई स्थायी समिति नहीं है जिसमें यहां के तीन से अधिक सदस्य हों। क्या कारण है कि इस सदन द्वारा निर्वाचित सदस्यों की संख्या इतनी कम है? या तो श्रम विभाग कोई महत्वपूर्ण विभाग नहीं है, या इसका यह कारण भी हो सकता है कि स्थायी समिति कभी बुलाई नहीं जाती या किसी विषय पर विचार-विमर्श के लिए कभी-कभी ही बुलाई जाती है। मैं इन दोनों विषयों के संबंध में जानकारी प्राप्त करना चाहूंगा। क्या श्रम विभाग एक महत्वपूर्ण विभाग है? मैं देखता हूं कि यह विभाग डॉ. अम्बेडकर जैसे विख्यात व्यक्ति के प्रभार में है। यदि पहले यह महत्वहीन विभाग रहा भी हो कम से कम आज के दिन इसे महत्वपूर्ण विभाग नहीं होना चाहिए जब यह उनके नियंत्रण में है। अगर इसे महत्वपूर्ण विभाग बनना है तो स्थायी समिति में सदस्यों की संख्या अधिक होनी चाहिए। स्थायी वित्त समिति को देखें, रेलवे की स्थायी वित्त समिति को देखें, और फिर लोक लेखा समिति को देखें। इन समितियों में से किसी समिति के सदस्यों

ऽ विधान सभा वाद-विवाद (केन्द्रीय) खंड 2, 20 मार्च, 1943, पृष्ठ 1278-80