56 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
के क्षेत्रफल का संबंध है उत्तरी भारत में यह क्षेत्रफल 607,000 एकड़ और दक्षिणी भारत में केवल 163,132 एकड़ हैं। जहां तक चाय-बागानों में नियोजित श्रमिकों का संबंध है, उत्तरी भारत में नियोजित श्रमिकों की संख्या 773,969 है जब कि दक्षिण भारत में नियोजित श्रमिकों की संख्या 144,385 है।
सर एफ. ई. जेम्स (मद्रासः यूरोपीय)ः यह केवल चाय से संबंधित है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः हां, हम केवल चाय की बात कर रहे हैं। इन आंकड़ों से जो मैंने प्रस्तुत किए हैं, यह स्पष्ट है कि दक्षिण भारत के चाय-बागान भारत में चाय बागान उद्योग का बहुत छोटा अंश हैं।
मौलाना जफर अली खांः असम में इसका क्षेत्रफल क्या है?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मैं उत्तर और दक्षिण को ले रहा हूं, अलग से असम को नहीं ले रहा। असम उत्तरी भारत में सम्मिलित है। इन आंकड़ों से यह प्रकट होता है कि दक्षिण भारत के चाय बागानों में लगी जनसंख्या इस देश के चाय बागानों में कार्यरत कुल जनसंख्या का बहुत छोटा अंश है।
भारत सरकार को ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसी आंशिक और सीमित जांच करने से न तो इस देश को और न ही श्रमिकों को किसी प्रकार की उपलब्धि होगी। ऐसी स्थिति जिसमें युद्ध के कारण यह संभव नहीं है कि ऐसी जांच संपूर्ण क्षेत्र में प्रारंभ की जाए। इसलिए कोई भी जांच अनिवार्यतः कुल चाय बागान क्षेत्र के बहुत कम भाग तक सीमित रह जाएगी।
अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम) मैं माननीय सदस्य से कहना चाहूंगा कि वह इस बात को ध्यान में रखे कि श्रम का प्रश्न इस प्रस्ताव में महज प्रसंगवश उठा कर आया है।
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः मुझे आगे कुछ नहीं कहना है।
डॉ. सर जि़याउद्दीन अहमदः क्या मैं जान सकता हूं कि बागानों के स्वामियों को चाय बिल्कुल न उगाने के लिए बहुत सी धनराशि दी गई है और वह भी उपभोक्ताओं की कीमत पर?
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकरः यह ऐसा विषय है जिसका संबंध वाणिज्य सचिव से है।
कुछ माननीय सदस्यः अब प्रश्न रखा जाए।
अध्यक्ष महोदय (माननीय सर अब्दुर रहीम)ः प्रश्न हैः
‘‘कि अब प्रश्न को रखा जाए।’’