60 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
नजरअंदाज नहीं कर रही है। माननीय सदस्यगण इसमें ऐसी धारा पाएंगे जिसमें कहा गया है कि यह विधेयक ‘क्राउन’ के सेवकों अथवा फेडरल रेलवे कर्मचारियों पर लागू नहीं होता। परन्तु उसका यह मतलब नहीं है कि इन कर्मचारियों को विधेयक में उपबंधित फायदों के समान लाभ प्राप्त नहीं होगा। मैं सदन को सूचित करना चाहूंगा कि फेडरल रेलवे वालों ने और भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों को बताया कि वे अतिरिक्त पेंशन के उन उपबंधों का विस्तार उन तक करने को तैयार हैं जैसा कि सिविल सेवा विनियमों और कानूनी नियमों में, जिनसे रेल सेवा में नियोजित कर्मचारी शासित होते हैं, अंतर्विष्ट है।
अब महोदय, तीसरा उपबंध जिसमें नियोजकों पर अधिरोपित किए गए दायित्व को सुनिश्चित करने के लिए दबाव डाला गया है, बहुत आवश्यक है और बहुत अच्छा उपबंध है। ऐसा उपबंध करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कामगारों को सदा वह मुआवजा मिलता रहे जिसके लिए इस विधेयक में उपबंध किया जा रहा है। ऐसा संभव है, जिसका एहसास सदन को होगा, कि यदि कोई कारखाना बम के द्वारा ध्वस्त होता है और नियोजक की आस्तियां नष्ट हो जाती हैं और ऐसा कोई उपबंध जैसा कि इस विधेयक द्वारा किया जाने वाला है अस्तित्व में है, तो भी कामगारों को अधिनियम में प्राप्त लाभ के होते हुए भी, अंतिम विश्लेषण में कामगार ऐसी स्थिति में पड़ जाए जहां उन्हें कोई मुआवजा पाने का अवसर ही न हो। अतः कामगार को बीमा की गारंटी दी गई है जिससे कि सभी परिस्थितियों में वे लाभ जो विधेयक उसे देने जा रहा है, उसे प्राप्त होंगे यदि वह ऐसी दुर्भाग्यजनक स्थिति में पड़कर युद्ध से आहत हो जाए। इस पद्धति को कुछ निम्न प्रकार से क्रियात्मक रूप दिया जाएगा। विधेयक की शर्तों के अनुसार पहले नियोजक द्वारा कर्मचारी को मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। नियोजक को प्रतिपूर्ति उस बीमा-निधि से की जाएगी जो सरकार द्वारा प्रबंधित होगी। इस बीमा-निधि में नियोजक उस प्रीमियम का अंशदान करेगा जिसका निर्धारण युद्ध के अंत में कुल दायित्व का आकलन के बाद किया जाएगा। इस बीच, सरकार नियोजकों से अंतिम प्रीमियम के एवज में, जिसका निर्धारण युद्ध के बाद किया जाएगा, अग्रिम वसूली करती रहेगी। अग्रिम की मात्रा तिमाही से तिमाही बदलती रहेगी। पहली तिमाही में अग्रिम की राशि प्रति एक सौ मजदूरी बिल आठ आने से अधिक नहीं होगी। बाद की तिमाहियों में यह रकम बकाया दायित्वों के आधार पर बदलती रहेगी। ऐसा हो सकता है कि पूर्ववर्ती तिमाही में कोई युद्ध आघात न पहुंचा हो। ऐसी दशा में यह स्पष्ट है कि नियोजक से कोई अग्रिम नहीं लिया जाएगा। जैसे मैंने कहा, इस बीमा स्कीम का लाभ यह है कि यह कामगार को भुगतान सुनिश्चित करती है। दूसरे, खतरे के प्रभाव का वितरण उन क्षेत्रों तक हो जाता है जहां किसी आक्रमण का खतरा कम है। ऐसे क्षेत्र भी, वहां रह रहे और काम कर रहे कामगारों