16. डॉ. अम्बेडकर का भारत के गर्वनर जनरल लार्ड वेवल को पत्र - Page 104

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डाक्टर अम्बेडकर का भारत के

गवर्नर जनरल लार्ड वेवल को पत्र

ऽ भीमराव आर. अम्बेडकर 22, पृथ्वीराज रोड, एम.ए.पी.एच.डी नई दिल्ली डी.एस.सी. बैरिस्टर-एट-लॉ दिनांक 3 मार्च, 1946 सदस्य, गवर्नर जनरल

कार्यकारी परिषद

प्रिय लार्ड वेवल,

केबिनेट मिशन की ओर से यह भूल हुई है कि उसने शिमला में आयोजित अपने सम्मेलन में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधि को आमंत्रित नहीं किया है और इसके फलस्वरूप अनुसूचित जातियों के मन में अनेक गलत धारणाएं उत्पन्न हो गई हैं, जैसे कि मंत्रिमंडल मिशन अनुसूचित जातियों की संवैधानिक सुरक्षा की मांगों को किस प्रकार निपटाएगा। चूंकि यह स्थिति जटिल है, मैं इस संबंध में अनुसूचित जातियों की प्रतिक्रियाओं से आपको अवगत कराना चाहूंगा।

शिमला सम्मेलन में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधि को आमंत्रित न किए जाने की भूल की अनेक व्याख्याएं की जा सकती हैं। एक व्याख्या मुझे युक्तिसंगत लगती है कि अनुसूचित जातियों की मांगें ऐसी हैं जिनके लिए अन्य पार्टियों की अनुमति की आवश्यकता नहीं है जब तक कि वे उनके वैध अधिकारों को प्रभावित न करें। कम से कम उनकी तीन मांगों के बारे में यह बात अवश्य लागू होती है, अर्थात् ( i ) अलग निर्वाचन-क्षेत्र, ( ii ) केन्द्रीय कार्यकारी परिषद में उचित प्रतिनिधित्व और ( iii ) कुछ पार्टियों द्वारा पहले से यह वचन दिया जाना कि अंतरिम सरकार बनाए जाने की यह पूर्व शर्त होगी कि वे भावी संविधान में अनुसूचित जातियों के हित की सुरक्षा करने के लिए कतिपय सामान्य सिद्धांत स्वीकार करेगी।

ऽ स्रोतः डाक्टर अम्बेडकर द्वारा निजी तौर पर प्रकाशित पुस्तिका-सम्पादक