16. डॉ. अम्बेडकर का भारत के गर्वनर जनरल लार्ड वेवल को पत्र - Page 107

92 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

अन्य व्याख्या भी है जो संभव है। दूसरी व्याख्या यह है कि केबिनेट मिशन कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच एक समझौता इस बात के लिए काफी समझता है कि वह अंतरिम सरकार के गठन और अनुसूचित जातियों के मुद्दे पर विचार की प्रतीक्षा के बिना भारत के भावी संविधान की रचना हेतु तंत्र स्थापना के लिए कार्यवाही करें।

अनुसूचित जातियों को चिंता है क्योंकि उन्हें निश्चित रूप से यह ज्ञात नहीं है कि मिशन की योजना क्या है। यदि मिशन ने दूसरी योजना स्वीकार कर ली है, जो हो सकता है कि सच हो तो मैं यह महसूस करता हूं कि मैं अपने कर्तव्य में असफल रह जाता यदि मैं अनुसूचित जातियों को धोखा दिए जाने के विरूद्ध अपनी आवाज नहीं उठाता तथा मिशन को यह सूचित नहीं करता कि मिशन ही पूर्णतया उन परिणामों का उत्तरदायी होगा जो भविष्य में घटित होंगे।

मैंने यह पत्र अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधि की हैसियत से लिखा है। आपको वह पत्र आपके पद के कारण संबोधित किया गया है कि आप केबीनेट मिशन के सदस्य हैं। मैं आपका आभारी रहूंगा यदि आप इस पत्र को अपने साथियों में परिचालित कर दें।

भवदीय

बी.आर. अम्बेडकर महामहिम फील्ड मार्शल

द राइट ऑनरेबल वाइकाउंट वेवल ऑफ

सिरेनैका एवं विन्चेस्टर शिमला

जी.सी.बी., जी.एम.एस.आई.

जी.एम.आई., सी.एम.जी., एस.सी.,

वायसराय एवं गवर्नर जनरल ऑफ इंडिया