18. डॉ. अम्बेडकर का श्री ए.बी.एलेक्जेंडर, सदस्य, केबिनेट मिशन, को पत्र - Page 109

94 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

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डॉक्टर अम्बेडकर का राइट ऑनरेबल श्री.ए.वी.

एलेक्जेंडर, सदस्य, केबीनेट मिशन को पत्र

ऽभीमराव आर. अम्बेडकर 22, पृथ्वीराज रोड, एम.ए.पी.एच.डी. नई दिल्ली डी.एस.सी. बैरिस्टर-एट-लॉ दिनांक 14 मार्च, 1946 सदस्य, गवर्नर जनरल की

कार्यकारी परिषद

प्रिय श्री एलेक्जेंडर,

यह दुःख की बात है कि कांग्रेस और लीग के बीच समझौता कराने में आपके प्रयत्न असफल हो गए हैं। मैं समझता हूं कि आप सहानुभूति और कृतज्ञता के पात्र हैं। इसके साथ ही मैं कहे बिना नहीं रह सकता कि मिशन के प्रयत्नों को देखकर मुझे एक वृद्ध बनिए की बात याद आ गई है। उस बनिए का कोई बेटा नहीं था जो उसकी सम्पत्ति का वारिस हो सके, अतः उसने एक युवा लड़की से विवाह कर लिया और यह आशा की कि उसकी सन्तान ही उसकी सम्पत्ति की वारिस बन जाएगी। उस वधु ने गर्भधारण कर लिया परंतु वह भयंकर रोग में फंस गया। किन्तु उसने शिशु को देखे बिना मरने से इनकार कर दिया पर वह सन्तान के जन्म तक प्रतीक्षा नहीं कर सकता था क्योंकि उसमें अभी देर थी। वह बहुत अमीर था, अतः उसने डॉक्टर को बुला लिया और डॉक्टर से कहा कि वह उसकी पत्नी का पेट चीर दे और देखे कि गर्भ में लड़का है अथवा लड़की। इसका परिणाम यह हुआ कि शिशु और उसकी माता दोनों की मृत्यु हो गई। मुझे लगता है कि मिशन बहुत कुछ करना चाहता था, जैसा कि बनिए ने किया था। आप इस तथ्य से अवगत नहीं होंगे कि मेरे समान अनेक ऐसे व्यक्ति हैं जो यह महसूस करते हैं कि मिशन संतानोत्पति की स्वाभाविक अवधि से पूर्व ही बलात शिशु जन्म कराने में व्यस्त है।

ऽ स्रोतः डॉक्टर अम्बेडकर द्वारा निजी तौर पर प्रकाशित पुस्तिका-सम्पादक