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ऽलॉर्ड पेथिक-लारेंस का डॉक्टर अम्बेडकर को पत्र
एल/पी एंड जे/5/337ःपृष्ठ 371-2
28 मई, 1946
आपके 22 मई [@] के पत्र के लिए धन्यवाद जिसमें आपने मुझसे हाल ही में दिए गए वक्तव्य की कुछ बातों के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
आप यह बात समझते ही हैं कि हमारे प्रतिनिधि-मंडल का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था का गठन करना है जिसके द्वारा भारतीय स्वतंत्र भारत के लिए अपना संविधान बना सकें। हमारे वक्तव्य का उद्देश्य यह है कि ऐसा आधार उपलब्ध कराया जाए जो इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हम आवश्यक समझते थे। अन्य मामले जो उठेंगे, उन पर संविधान सभा द्वारा निर्णय लिए जाएंगे।
निश्चित रूप से यह हमारा इरादा है कि वक्तव्य के पैरा 20 में ‘‘अल्पसंख्यक’’ शब्द में अनुसूचित जातियां सम्मिलित हैं। दूसरी ओर, संविधान सभा ही सलाहकार समिति गठित करेगी और हमारी मान्यता है कि समिति यह ध्यान रखेगी कि यह पूर्णतया प्रतिनिधि सभा हो।
हमारा विचार संविधान सभा में हस्तक्षेप करने का नहीं है। परंतु हमारे वक्तव्य का यह अर्थ नहीं है कि सलाहकार समिति के सदस्य केवल संविधान सभा के सदस्यों में से ही लिए जाएंगे।
मेरे विचार से आपके अन्य प्रश्न उस अतिरिक्त वक्तव्य [§] में अधिकांशतया आ जाते हैं जो शनिवार को संध्या समय प्रतिनिधिमंडल द्वारा जारी किया गया था। इस वक्तव्य की एक प्रति आपके पास भेजी जाती है।
श्री एलेक्जेंडर ने मुझसे कहा है कि मैं आपके पत्र की प्राप्ति की स्वीकृति भेजूं और आपके पत्र [#] के लिए धन्यवाद दूं जो आपने हाल ही में उन्हें भेजा है। वह दिल्ली से कुछ दिन बाहर सीलोन (श्रीलंका) की यात्रा पर गए हैं और लौटने के बाद वह आपके पत्र का उत्तर देंगे।
ऽ द ट्रांसफर ऑफ पॉवर, खंड 7, संख्या 399, पृष्ठ 723 @§# संख्या 376 इंडिया आफिस के रिकार्ड में पता नहीं लगा। संख्या 359