106 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
है। मिशन को प्रचुर तथा अकाट्य साक्ष्य यह दिखाने के लिए प्रस्तुत किया गया कि अनुसूचित जातियों के वास्तविक प्रतिनिधि वे हैं जो प्राथमिक चुनावों द्वारा चुने गए थे और जिनके लिए अनुसूचित जातियों के अलग निर्वाचन-क्षेत्र थे_ प्रान्तीय विधान सभाओं के अनुसूचित जाति के वर्तमान सदस्य चुनाव में सबसे नीचे थे जिन्होंने प्राथमिक चुनाव लड़े, और संयुक्त निर्वाचन-क्षेत्रों की त्रुटिपूर्ण पद्धति के कारण वे लोग अंतिम चुनावों में सबसे उपर आ गए जो प्राथमिक चुनावों में सबसे नीचे थे क्योंकि सवर्ण हिन्दू मतों का बाहुल्य था तथा प्रांतीय विधान सभा में अनुसूचित जाति के सदस्य किसी भी प्रकार से अनुसूचित जातियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते, अपति वे सवर्ण हिन्दुओं के हाथ में है। संविधान सभा और सलाहकार समिति में अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व के लिए दोहरी व्यवस्था की जाने के बजाय, मिशन ने बिना सोचे समझे इस पक्के साक्ष्य की अवहेलना कर दी है और बिना किसी औचित्य के हिन्दुओं की दशा पर अनुसूचित जातियों को छोड़ने में गंभीर विश्वासघात किया है। कार्यकारी समिति मिशन को सूचित करना चाहती है कि अनुसूचित जातियां उनके तर्क अथवा उनके नैतिक उत्तरदायित्व से प्रभावित नहीं है।
- केबिनेट मिशन की संपूर्ण योजना शररारतपूर्ण है। मुस्लिम क्षेत्र में गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों की समस्या इस प्रकार हल की गई है कि वहां मुस्लिम अल्पसंख्यक गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों को निराधार कर सकते हैं। इसी प्रकार हिन्दू क्षेत्र में गैर-हिन्दू अल्पसंख्यकों, जिनमें अनुसूचित जातियां हैं, को हिन्दू बहुसंख्यकों द्वारा निराधार किया जा सकता है। इस प्रकार कार्यकारी समिति देखती है कि केबिनेट मिशन ने अपनी योजना में अनुसूचित जातियों के हितों की सुरक्षा की अपेक्षा मुस्लिम समुदाय के बयान के लिए अधिक चिंता व्यक्त की है। केबिनेट मिशन ने अपनी योजना के पैरा 15 का प्रयोजन यह है कि मुस्लिम समुदाय पर हिन्दु समुदाय के आधिपत्य को हटाया जाए। अनुसूचित जातियों को हिन्दू समुदाय से जो भय है वह मुस्लिम समुदाय से कहीं अधिक है अथवा अधिक हो सकता है। अनुसूचित जातियां इस बात पर जोर देती रही हैं कि यदि उन्हें कोई प्रभावकारी संरक्षण प्राप्त हो सकता है तो अलग निर्वाचन-क्षेत्रों के उपबंध की व्यवस्था द्वारा ही प्राप्त हो सकता है। केबिनेट मिशन इन मांगों और इनके समर्थन में सभी साक्ष्यों से अवगत था। उपर बताए गए तरीके के अनुसर, हिन्दू बहुमत के आधिपत्य से मुस्लिम समुदाय को स्वतंत्रता दिए जाने की गारंटी के प्रति केबिनेट मिशन द्वारा अपनाए गए नियम के अनुसरण में मिशन के लिए यह संभव थ कि उसी पैरा 15 में संविधान सभा की शक्तियों में अधिक सीमांकन किया जाता और यह प्रस्तावित किया जाता कि अनुसूचित जातियों को अलग निर्वाचन क्षेत्रों द्वारा विधान सभाओं में प्रतिनिधित्व का अधिकार होना चाहिए तथा हिन्दू बहुमत के आधिपत्य से